जागृत भारत | मेरठ(Meerut): जिले के कपसाड़ गांव में 8 जनवरी 2026 को हुई एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया। कथित अपहरणकर्ताओं से अपनी 22 वर्षीय बेटी को बचाने की कोशिश कर रही एक दलित महिला को बेरहमी से घायल कर दिया गया। गंभीर चोटों के कारण महिला ने उसी शाम दम तोड़ दिया, जबकि उसकी बेटी का अपहरण कर लिया गया।
दो दिन की तलाश के बाद हरिद्वार से गिरफ्तारी
महिला की हत्या और बेटी के अपहरण के बाद पुलिस ने बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चलाया। दो दिन तक चले इस अभियान के बाद शनिवार शाम (10 जनवरी 2026) को मुख्य आरोपी परस सोम को हरिद्वार से गिरफ्तार कर लिया गया। मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विपिन टाडा के अनुसार, इस संयुक्त अभियान को मेरठ और सहारनपुर पुलिस ने मिलकर अंजाम दिया, जिसमें अपहृत युवती को भी सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
मां की मौत के बाद भड़का जातीय तनाव
घटना के बाद जैसे ही महिला की मौत की खबर फैली, इलाके में जातीय तनाव फैल गया। मृतका दलित समुदाय से थी, जबकि आरोपी राजपूत समुदाय से बताए गए। दलित संगठनों और पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए बुलडोजर कार्रवाई की मांग की।
अंतिम संस्कार को लेकर घंटों चला विवाद
पीड़ित परिवार और दलित संगठनों ने महिला के शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। घंटों तक प्रशासन और राजनीतिक नेताओं के साथ बातचीत के बाद ही परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। इस दौरान गांव में भारी पुलिस बल तैनात रहा।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज
इस घटना ने प्रदेश की राजनीति में भी उबाल ला दिया। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में माताएं और बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने इस घटना को कानून-व्यवस्था की विफलता करार दिया।
विपक्षी दलों को गांव जाने से रोका गया
शनिवार को समाजवादी पार्टी, आज़ाद समाज पार्टी (ASP) और कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों के प्रतिनिधिमंडल कपसाड़ गांव जाना चाहते थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। विपक्षी नेताओं ने प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाया।
पूर्व विधायक को मिली अनुमति, प्रशासन पर उठे सवाल
विवाद तब और बढ़ गया जब पूर्व सरधना विधायक संगीत सोम को पीड़ित परिवार के घर जाने की अनुमति दे दी गई। विपक्षी दलों ने इसे दोहरे मापदंड बताते हुए प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए।
क्षेत्र में अब भी तनावपूर्ण माहौल
हालांकि आरोपी की गिरफ्तारी और युवती की सुरक्षित बरामदगी के बाद स्थिति आंशिक रूप से सामान्य हुई है, लेकिन गांव और आसपास के इलाकों में अभी भी पुलिस बल तैनात है। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
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