जागृत भारत | मेरठ(Meerut) : मेरठ थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में सोमवार को भी हालात सामान्य नहीं हो सके। सुनीता की मौत और उसकी बेटी रूबी के अपहरण की घटना के बाद गांव में अघोषित कर्फ्यू जैसे हालात बने हुए हैं। प्रशासन के निर्देश पर पूरे गांव में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
चप्पे-चप्पे पर पुलिस और अर्धसैनिक बल
कपसाड़ गांव को जाने वाले मुख्य मार्गों, संपर्क सड़कों, खेतों के रास्तों और पगडंडियों तक पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। कई जिलों की पुलिस फोर्स को गांव में लगाया गया है। बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध है और आसपास के ग्रामीणों को भी पहचान पत्र देखने के बाद ही गांव की ओर जाने दिया जा रहा है।
अफसरों की निगरानी, सड़कों पर कड़ा पहरा
एसपी ट्रैफिक राघवेंद्र मिश्र ने अटेरना गंगनहर पुल पर दिनभर कैंप कर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की। वहीं, एसपी देहात अभिजीत कुमार और एसपी ट्रैफिक स्वयं मोर्चा संभाले हुए लगातार निरीक्षण करते रहे। राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और मीडिया के प्रवेश पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
पीड़ित परिवार के घर के आसपास सीलिंग
पीड़ित परिवार के घर के आसपास की गलियों को पूरी तरह सील कर दिया गया है। गौरतलब है कि गुरुवार सुबह करीब आठ बजे कपसाड़ गांव निवासी अनुसूचित जाति की सुनीता पत्नी सतेंद्र पर हमला किया गया था और उसी दौरान उसकी बेटी रूबी का अपहरण कर लिया गया था। उपचार के दौरान गुरुवार शाम सुनीता की मौत हो गई थी, जिसके बाद मामला और अधिक संवेदनशील हो गया।
राजनीतिक बयानबाजी से बढ़ा तनाव
घटना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और मायावती के बयानों से माहौल और ज्यादा गरमा गया था। शुक्रवार को आरोपियों की गिरफ्तारी और युवती की बरामदगी न होने से आक्रोशित परिजनों ने अंतिम संस्कार से इन्कार कर दिया था। बाद में पूर्व विधायक संगीत सोम के आश्वासन के बाद अंतिम संस्कार किया गया।
आरोपी गिरफ्तार, रूबी बरामद लेकिन सख्ती बरकरार
शनिवार शाम मेरठ और सहारनपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी को गिरफ्तार कर रूबी को हरिद्वार जाते समय सुरक्षित बरामद कर लिया गया। इसके बावजूद प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए गांव को पूरी तरह सील रखा है।
हाईवे और पुलों पर बैरिकेडिंग
सोमवार को मेरठ–करनाल हाईवे पर नानू गंगनहर पुल से वाहनों को चौधरी चरण सिंह कांवड़ पटरी मार्ग की ओर जाने से रोक दिया गया। सरधना के दौराला, अटेरना सलावा और खतौली गंगनहर पुल पर भी बैरिकेडिंग कर आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह सामान्य होने तक सुरक्षा में कोई ढील नहीं दी जाएगी।
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