जागृत भारत | प्रयागराज(Prayagraj): माघ मेले के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिविर की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। शिविर प्रभारी पंकज पांडेय ने आरोप लगाया है कि कुछ अज्ञात असामाजिक तत्वों ने शिविर में घुसने की कोशिश की और नारेबाजी की, जिससे जान का खतरा महसूस किया जा रहा है। घटना के बाद शिविर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पुलिस से अतिरिक्त सुरक्षा की मांग की गई है।
शिविर में घुसने की कोशिश और नारेबाजी का आरोप
शिविर प्रभारी पंकज पांडेय द्वारा दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि शनिवार शाम करीब साढ़े छह बजे कुछ युवक लाठी-डंडों के साथ शिविर के बाहर पहुंचे और शंकराचार्य व उनके अनुयायियों को नुकसान पहुंचाने की मंशा से आपत्तिजनक नारे लगाने लगे। शिविर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी सामने आए हैं, जिनमें कुछ लोग नारेबाजी करते हुए दिखाई और सुनाई दे रहे हैं।
पुलिस का बयान: जांच के बाद होगी कार्रवाई
एसपी माघ मेला नीरज पांडेय ने बताया कि नारेबाजी की सूचना मिली थी, हालांकि अभी औपचारिक तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि तहरीर मिलने के बाद मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा को लेकर बढ़ाई गई सतर्कता
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की सुरक्षा को लेकर उनके समर्थकों ने शिविर के आसपास सतर्कता बढ़ा दी है। दावा किया गया है कि रात के समय कुछ अपरिचित लोग शिविर के आसपास रेकी करते देखे गए, जिसके बाद शिविर के चारों ओर करीब 10 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
प्रशासन और खुफिया एजेंसियों पर भी लगाए गए आरोप
शंकराचार्य के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शैलेंद्र योगिराज सरकार ने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा रात में नोटिस चस्पा किए जाने जैसी घटनाएं हुई हैं, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि सादी वर्दी में एलआईयू समेत प्रदेश और केंद्र की विभिन्न एजेंसियां उनसे मिलने वाले लोगों पर नजर रख रही हैं।
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