कुशीनगर जिले के जिला एवं सत्र न्यायालय ने 2014 में हुए हत्या के एक मामले में शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी पाते हुए सात-सात वर्ष के कठोर कारावास और प्रत्येक पर ₹21,000 का अर्थदंड लगाया है। यह फैसला अपर जिला सत्र न्यायाधीश आनंद प्रकाश की अदालत ने सुनाया।
क्या है मामला?
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) के.के. पांडेय के अनुसार, मामला 2 जून 2014 का है। कसया थाना क्षेत्र के मल्लूडीह गांव निवासी राधिका देवी ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उनका देवर साभा (पुत्र इंद्रासन) रोज शराब पीकर घर आता था और गाली-गलौज करता था।
राधिका देवी के पति ने इसका विरोध किया तो साभा नाराज हो गया और अपने साथियों ठकुरी (पुत्र रघुनंदन) तथा महंगू (पुत्र ठकुरी) के साथ मिलकर उस पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को सीएचसी कसया ले जाया गया, लेकिन इलाज शुरू होने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया।
कोर्ट का फैसला
घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना पूरी की और तीनों के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया। लगभग दस वर्ष चली सुनवाई के बाद शुक्रवार को कोर्ट नंबर-3 के न्यायाधीश आनंद प्रकाश ने तीनों आरोपियों — साभा, ठकुरी और महंगू — को दोषी ठहराया।
अदालत ने सभी को सात-सात वर्ष की कैद और ₹21,000-₹21,000 रुपए के जुर्माने से दंडित किया।
इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने अदालत के निर्णय पर संतोष जताया और न्यायिक व्यवस्था पर भरोसा व्यक्त किया।
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