जागृत भारत | नई दिल्ली(New Delhi): भारतीय सेना ने अपनी डीप-स्ट्राइक क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए लॉन्ग-रेंज रॉकेट लॉन्चर सिस्टम ‘सूर्यास्त्र’ की खरीद के लिए निजी रक्षा कंपनी NIBE लिमिटेड के साथ लगभग ₹293 करोड़ का करार किया है। यह सौदा आपात खरीद (Emergency Procurement – EP) शक्तियों के तहत किया गया है।
यह अत्याधुनिक रॉकेट लॉन्चर प्रणाली 150 किलोमीटर और 300 किलोमीटर तक सटीक हमला करने में सक्षम है, जिससे सेना की ऑपरेशनल पहुंच और मारक क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।
आपात खरीद प्रावधानों के तहत हुआ समझौता
सेना ने यह अनुबंध रक्षा मंत्रालय की मंजूरी के बाद आपात खरीद शक्तियों के अंतर्गत किया है। इस संबंध में पुणे स्थित NIBE लिमिटेड ने शुक्रवार (3 जनवरी 2026) को BSE और NSE को औपचारिक सूचना दी।
कंपनी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार,
भारतीय सेना के लिए ग्राउंड इक्विपमेंट, एक्सेसरीज़, ESP और गोला-बारूद की आपूर्ति की जाएगी, जिसकी कुल लागत ₹292.69 करोड़ (कर सहित) है।
‘सूर्यास्त्र’ क्या है और क्यों खास है
‘सूर्यास्त्र’ भारत का पहला मेड इन इंडिया यूनिवर्सल मल्टी-कैलिबर रॉकेट लॉन्चर सिस्टम है। इसकी प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं—
150 किमी और 300 किमी तक सतह से सतह पर हमला
एक साथ कई लक्ष्यों को अलग-अलग दूरी पर भेदने की क्षमता
परीक्षणों में 5 मीटर से कम CEP (Circular Error Probable), यानी बेहद सटीक हमला
100 किमी तक लोइटरिंग म्यूनिशन दागने की भी क्षमता
एक ही लॉन्चर से विभिन्न प्रकार के रॉकेट दागे जा सकते हैं
यह प्रणाली आधुनिक युद्ध परिदृश्य में सेना को तेज, सटीक और लचीला हमला विकल्प प्रदान करती है।
इज़राइल की तकनीक, भारत में निर्माण
जुलाई 2025 में NIBE लिमिटेड ने इज़राइली रक्षा कंपनी Elbit Systems के साथ टेक्नोलॉजी कोलैबोरेशन एग्रीमेंट (TCA) पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते के तहत ‘SURYA’ नामक एडवांस्ड यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम का निर्माण भारत में किया जा रहा है।
यह पहली बार है जब 300 किमी तक मारक क्षमता वाला हाई-प्रिसिजन रॉकेट लॉन्चर भारत में स्वदेशी रूप से बनाया जा रहा है, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को मजबूती देता है।
आपात खरीद नियमों का दायरा
26 दिसंबर 2025 को रक्षा मंत्रालय की डिफेंस एक्विज़िशन काउंसिल (DAC) ने सशस्त्र बलों को 15 जनवरी 2026 तक आपात खरीद शक्तियों के तहत अनुबंध करने की अनुमति दी थी।
इन प्रावधानों के तहत—
₹300 करोड़ तक की रक्षा खरीद बिना अतिरिक्त मंजूरी के की जा सकती है
डिलीवरी 6 महीने के भीतर शुरू होनी चाहिए
एक वर्ष के भीतर आपूर्ति पूरी करना अनिवार्य है
पिनाका के नए संस्करण भी लाइन में
हाल ही में DRDO प्रमुख समीर वी. कामत ने जानकारी दी थी कि पिनाका रॉकेट सिस्टम के नए संस्करणों का निर्माण जल्द शुरू किया जाएगा, जिनकी मारक क्षमता 120 किमी और 300 किमी होगी। इन प्रणालियों के 3 से 5 वर्षों में भारतीय सेना में शामिल होने की संभावना है।
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