जागृत भारत | यूपी के हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां गुरुवार दोपहर ब्रजघाट श्मशान घाट पर चार संदिग्ध एक डमी पुतले का अंतिम संस्कार करने पहुंचे। शुरू में उन्होंने इसे सामान्य अंतिम संस्कार की तरह पेश किया, लेकिन जैसे ही अर्थी को चिता पर लिटाया गया, वहां मौजूद लोगों के होश उड़ गए—क्योंकि अर्थी पर किसी मृत व्यक्ति का नहीं बल्कि पुतले का शव था।
स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और चार में से दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया, जबकि दो मौके से फरार हो गए।
HR नंबर की कार में आया था पूरा गिरोह
जानकारी के मुताबिक, चारों संदिग्ध हरियाणा नंबर की i20 कार से ब्रजघाट पहुंचे थे। उन्होंने नगर पालिका से पर्ची कटवाई, लकड़ी, घी और अन्य अंतिम संस्कार सामग्री खरीदी। सबकुछ सामान्य लग रहा था, पर जब पुतले को चिता पर लेटाया गया, तो ग्रामीणों ने इसका विरोध किया और सवाल पूछने शुरू किए।
आरोपी कोई भी जवाब नहीं दे सके। इसी दौरान दो आरोपी मौके से भाग निकले।
नगर पालिका कर्मी नितिन ने बताया कि उन्हें भी पुतले के बारे में जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने आरोपियों से पूछताछ की और पुलिस को सूचना दी।
कार से मिले दो और डमी पुतले
पुलिस ने कार की तलाशी ली तो उसमें से दो और डमी पुतले बरामद हुए। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पहले बहाना बनाया कि अस्पताल ने उन्हें “गलत बॉडी” दे दी थी, लेकिन पुलिस को उन पर शक गहरा गया।
50 लाख रुपये का बीमा क्लेम करने की योजना थी
पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ।
डीएसपी गढ़मुक्तेश्वर स्तुति सिंह के अनुसार, मामले की जांच में सामने आया कि दिल्ली निवासी कमल सोमानी पर करीब 50 लाख रुपये का कर्ज था।
इसी कर्ज से छुटकारा पाने के लिए उसने अपने नौकर अंशुल कुमार के नाम पर एक साल पहले 50 लाख का बीमा करवाया था—वह भी बिना अंशुल को बताए।
आरोप है कि बीमा क्लेम की रकम पाने के लिए कमल सोमानी अपने नौकर “अंशुल” की नकली मौत दिखाना चाहता था। इसी वजह से पुतले का अंतिम संस्कार कर झूठा मृत्यु प्रमाण पत्र हासिल करने की कोशिश की जा रही थी।
जब पुलिस ने अंशुल से संपर्क किया, तो उसने बताया कि वह पूरी तरह स्वस्थ है और प्रयागराज स्थित अपने घर में मौजूद है।
दो आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ जारी
फिलहाल पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लेकर विस्तृत पूछताछ शुरू कर दी है। बाकी फरार अभियुक्तों की तलाश जारी है।
घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है, क्योंकि यह मामला बीमा धोखाधड़ी की एक सुनियोजित साजिश की तरफ इशारा करता है।
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