जागृत भारत | हाजीपुर (बिहार): बिहार के हाजीपुर से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। यहां एक बेटे ने अपनी जीवित मां को कागजों में ‘मृत’ घोषित कर उनकी लाखों रुपये की जमीन बेच दी। धोखाधड़ी का यह मामला सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और प्रशासन भी हरकत में आ गया है।
जीवित मां को मृत दिखाकर जमीन हड़पने की साजिश
पीड़िता कैलाश देवी उर्फ कैलसिया देवी ने आरोप लगाया है कि उनके बड़े बेटे नवल किशोर सिंह ने गांव के ही अरुण कुमार सिन्हा के साथ मिलकर जमीन हड़पने की पूरी योजना बनाई।
कैलाश देवी हाजीपुर के खाता संख्या 529, खेसरा संख्या 325 और जमाबंदी संख्या 1252 वाली जमीन की वैध स्वामी हैं और वे नियमित रूप से इस जमीन का लगान बिहार सरकार को देती रही हैं।
शिकायत के अनुसार, दोनों आरोपियों ने 3 जुलाई 2023 को हाजीपुर जिला निबंधन कार्यालय में फर्जी बिक्री विलेख (डीड संख्या—7523) तैयार करवाया, जिसमें कैलाश देवी को मृत दिखाकर जमीन की रजिस्ट्री कर दी गई। यह पूरा कृत्य एक संगठित साजिश का हिस्सा बताया जा रहा है।
थाने में नहीं हुई कार्रवाई, फिर कोर्ट पहुंचीं पीड़िता
कैलाश देवी ने पहले हरिलोचनपुर सुक्की थाना में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
इसके बाद वे अपने छोटे बेटे नंद किशोर सिंह के साथ हाजीपुर न्यायालय पहुंचीं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने वैशाली के पुलिस अधीक्षक को तत्काल FIR दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया।
न्यायालय के निर्देश के बाद 12 सितंबर को नगर थाना, हाजीपुर में मामला दर्ज किया गया।
निबंधन कार्यालय पर गहराए सवाल
इस धोखाधड़ी में निबंधन कार्यालय की भूमिका सबसे संदिग्ध मानी जा रही है क्योंकि:
रजिस्ट्री के दौरान दस्तावेजों की सत्यता की पुष्टि नहीं की गई,
न ही जमीन का स्थल सत्यापन कराया गया,
मृतक दिखाए गए व्यक्ति के बारे में कोई प्रमाण नहीं मांगा गया।
आरोप है कि कातिब, पहचानकर्ता, गवाह, विक्रेता और खरीदार—सभी ने मिलकर फर्जी दस्तावेजों को वैध रूप देने की कोशिश की।
जिला निबंधन कार्यालय के कातिब रंजीत सिंह की भूमिका पर खास तौर पर सवाल उठ रहे हैं और पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
पुलिस की कार्रवाई: चार गिरफ्तार
नगर थाना पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इनमें शामिल हैं—
नवल किशोर सिंह – पीड़िता का बड़ा बेटा
अरुण कुमार सिन्हा – कथित खरीदार
सुनील भगत – पहचानकर्ता
रामबाबू सहनी – गवाह
पुलिस ने बताया कि यह मामला धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश का है, और जांच के दौरान और भी लोगों पर शिकंजा कस सकता है।
पीड़िता की मांग: दोषियों को कड़ी सजा मिले
कैलाश देवी का कहना है कि उन्होंने जीवन भर की कमाई से यह जमीन खरीदी थी, लेकिन उनके ही बेटे ने लालच में आकर उन्हें मृत घोषित कर जमीन बेच दी।
उन्होंने मांग की है कि इस अपराध में शामिल सभी लोगों को कठोर दंड दिया जाए ताकि भविष्य में कोई भी बुजुर्ग महिला ऐसी धोखाधड़ी का शिकार न हो।
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