जागृत भारत | गोरखपुर(Gorakhpur): गोरखपुर के कैंट थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर शाम पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रेलवे स्टेशन के गेट नंबर छह के पास से एक व्यक्ति को 50 लाख रुपये नकद के साथ हिरासत में लिया। पकड़ा गया व्यक्ति डुमरियागंज (जिला सिद्धार्थनगर) का निवासी बताया जा रहा है।
पकड़े गए व्यक्ति ने खुद को दुकानदार बताया
पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना नाम राजीव जायसवाल उर्फ राजू (52) बताया। उसने पुलिस को बताया कि वह पेशे से दुकानदार है। हालांकि, जब उससे इतनी बड़ी रकम के बारे में पूछा गया तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।
बस अड्डे से स्टेशन तक संदिग्ध गतिविधियां
कैंट थाना पुलिस के अनुसार, राजीव जायसवाल शुक्रवार शाम करीब पांच बजे गोरखपुर बस अड्डे पर पहुंचा था। वहां से वह पैदल रेलवे स्टेशन की ओर बढ़ा और फिर धर्मशाला बाजार जाने के लिए निकल पड़ा।
स्कूटी सवार युवकों ने सौंपा बैग
इसी दौरान रेलवे स्टेशन के पास पहले से मौजूद स्कूटी सवार दो युवकों ने राजीव को एक बैग सौंपा। बैग लेने के बाद राजीव जैसे ही आगे बढ़ा, उसकी गतिविधियों पर स्टेशन गेट नंबर छह पर तैनात चौकी प्रभारी सुधांशु सिंह की नजर पड़ी।
पुलिस को देख घबराया, भागने की कोशिश
चौकी प्रभारी के अनुसार, पुलिस को देखकर राजीव अचानक घबरा गया और भागने की कोशिश करने लगा। उसके इस व्यवहार से पुलिस का संदेह और गहरा हो गया। तत्परता दिखाते हुए पुलिस ने घेराबंदी कर उसे मौके पर ही पकड़ लिया।
बैग खोलते ही उड़ गए पुलिस के होश
पुलिस द्वारा तलाशी लेने पर जब राजीव के पास मौजूद बैग खोला गया, तो उसमें 50 लाख रुपये नकद मिले। इतनी बड़ी रकम देखकर मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए।
रकम फरेंदा पहुंचाने की बात, लेकिन सबूत नहीं
पूछताछ में राजीव ने पुलिस को बताया कि वह स्कूटी सवार युवकों को नहीं जानता और उसे यह रकम फरेंदा पहुंचानी थी। उसने यह भी दावा किया कि उसके भांजे ने फोन पर बताया था कि पैसे किसके हैं और युवक कौन थे, लेकिन वह इस संबंध में कोई ठोस सबूत या जानकारी नहीं दे सका।
आयकर विभाग को दी गई सूचना
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत आयकर विभाग को सूचना दी। देर रात तक आयकर विभाग की टीम मौके पर पहुंची और राजीव से गहन पूछताछ करती रही।
मशीन से गिनकर नकदी की गई सील
पुलिस और आयकर विभाग की संयुक्त टीम ने मशीन की मदद से नकदी की गिनती करवाई। इसके बाद पूरी रकम को सील कर कब्जे में ले लिया गया।
हवाला नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका
प्रारंभिक जांच में पुलिस को इस रकम के हवाला नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका है। फिलहाल स्कूटी सवार युवकों की पहचान और पैसे के स्रोत की जांच की जा रही है।
जांच पूरी होने के बाद होगा खुलासा
एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक सच्चाई सामने आ सकेगी।
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