जागृत भारत | गोरखपुर(Gorakhpur): पूर्वांचल को पश्चिम उत्तर प्रदेश और हरियाणा से जोड़ने वाला गोरखपुर–पानीपत एक्सप्रेसवे अब कुशीनगर तक विस्तारित किया जाएगा। इस फैसले से न केवल एक्सप्रेसवे की उपयोगिता बढ़ेगी, बल्कि यह सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे से भी सीधे जुड़ जाएगा। इससे देश के पूर्वी हिस्से से पश्चिमी हिस्से तक तेज और निर्बाध सड़क संपर्क स्थापित होगा।
750 किलोमीटर लंबा होगा एक्सप्रेसवे कॉरिडोर
पहले यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर से शामली तक प्रस्तावित था, जिसे बाद में पानीपत तक बढ़ाया गया। अब कुशीनगर को जोड़ने के बाद इसकी कुल लंबाई लगभग 750 किलोमीटर हो जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक अगले महीने तक एलाइनमेंट का काम पूरा कर डिजाइन को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
सिलीगुड़ी से पानीपत तक मिलेगा सीधा फोरलेन रास्ता
कुशीनगर जिले में करीब तीन से चार किलोमीटर तक एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाएगा, जहां से इसे सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा। दोनों एक्सप्रेसवे के जुड़ने से सिलीगुड़ी से पानीपत तक सीधा फोरलेन कॉरिडोर मिलेगा। इससे व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और लंबी दूरी की यात्रा पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगी।
एलाइनमेंट तय करने में आ रही तकनीकी चुनौतियां
सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे गोरखपुर की सीमा में जगदीशपुर–कोनी के पास तक पहुंचेगा, लेकिन वहां सड़क निर्माण के लिए पर्याप्त भूमि नहीं मिलने के कारण गोरखपुर–पानीपत एक्सप्रेसवे को खुरहुरिया–बलुआ गांव के पास जोड़ने की योजना बनाई जा रही है। फिलहाल एलाइनमेंट को लेकर तेजी से सर्वे और तकनीकी अध्ययन किया जा रहा है।
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे होगा, कम से कम होगी पेड़ों की कटाई
यह पूरा प्रोजेक्ट ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के रूप में विकसित किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि कुशीनगर में यह सड़क करीब 21 गांवों से होकर गुजरेगी, जबकि गोरखपुर में लगभग 46 गांव इसकी जद में आएंगे। एलाइनमेंट फाइनल होने के बाद गांवों की संख्या में बदलाव संभव है। पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए पेड़ों की कटाई न्यूनतम रखने का प्रयास किया जाएगा।
2026 में शुरू होगा निर्माण कार्य
एनएचएआई के परियोजना निदेशक ललित प्रताप पाल के अनुसार, गोरखपुर–पानीपत एक्सप्रेसवे को कुशीनगर तक ले जाने का निर्णय लिया गया है और एलाइनमेंट का काम फरवरी तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि एक्सप्रेसवे फोरलेन होगा, जिसकी चौड़ाई कहीं 60 मीटर तो कहीं 70 मीटर रखी जाएगी। योजना के मुताबिक 2026 में निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा और जल्द ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू होगी।
यूपी और हरियाणा के 22 जिलों को मिलेगा सीधा लाभ
यह एक्सप्रेसवे कुशीनगर से शुरू होकर गोरखपुर, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, शाहजहांपुर, बदायूं, रामपुर, बरेली, संभल, अमरोहा, मेरठ, बिजनौर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली होते हुए हरियाणा के पानीपत तक जाएगा। इससे इन सभी जिलों में आर्थिक गतिविधियों और निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी।
कुशीनगर में इन गांवों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे
कुशीनगर जिले में प्रस्तावित मार्ग रामपुर, अगया, होलिया, रामपुर माफी, मगडिहा, सिंदुरिया विशुनपुर, घोड़ादेउर, खुरहुरिया, बलुआ, तुर्कडिहा, बिंदुआर, सहजौली, सेंदुआर, मुंडेरा, खोट्ठा, सिहुलिया, टिकर, छपिया, बेलवा खुर्द, महुअवा और अहिरौली गांवों से होकर गुजरेगा।
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