गोरखपुर। छठ के दिन हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि गोली चलाने वाले ‘AK-47’ और ‘रेड गैंग’ के सदस्य थे। दोनों ही गैंग वॉट्सऐप ग्रुप पर संचालित होते थे, जिनमें नाबालिग और युवा शामिल हैं। पुलिस ने मंगलवार को तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अब तक 22 बदमाश जेल भेजे जा चुके हैं, जिनमें 7 नाबालिगों को बाल सुधार गृह भेजा गया है।
टैटू और बालों के रंग से गैंग की पहचान
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि AK-47 गैंग के सदस्यों की पहचान उनके शरीर पर बने ‘AK-47’ टैटू से होती थी, जबकि रेड गैंग के सदस्य अपने बाल लाल रंग में रंगवाते थे। दोनों गिरोह सोशल मीडिया पर दहशत फैलाने के लिए हथियारों के साथ फोटो और वीडियो पोस्ट करते थे।
मुखिया की मौत के बाद दो हिस्सों में बंटा गिरोह
पुलिस के अनुसार, महाराजगंज निवासी महावीर ने कुछ साल पहले एक वॉट्सऐप ग्रुप बनाया था, जिसमें क्षेत्र के युवा जुड़े थे। किसी भी विवाद पर ग्रुप में मैसेज आते ही सभी मौके पर पहुंचकर झगड़ा करने लगते थे।
लेकिन 2025 में महावीर की मौत के बाद ग्रुप दो हिस्सों में बंट गया — एक बना AK-47 गैंग, दूसरा रेड गैंग। इसके बाद दोनों के बीच वर्चस्व की लड़ाई शुरू हो गई।
छठ के दिन भिड़े दोनों गैंग, चली गोलियां
27 अक्टूबर को पीपीगंज के अकटहवां गांव में दोनों गैंग आमने-सामने आ गए। बात बढ़ी तो डंडों, हॉकी और अवैध असलहों से ताबड़तोड़ फायरिंग होने लगी। इस दौरान इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो मामला लखनऊ तक पहुंचा।
एक के बाद एक गिरफ्तारियां, दो अफसर हटाए गए
पुलिस ने अब तक 22 आरोपियों को पकड़ा है। मंगलवार को तीन और सदस्य —
सनी कनौजिया (डोमरा, पनियरा), बालकिशुन (बलुआ, चिलुआताल) और सचिन यादव (मुहद्दीनपुर, पनियरा) को गिरफ्तार किया गया।
इनमें से एक आरोपी के हाथ पर ‘AK-47’ का टैटू मिला है।
लापरवाही बरतने पर सीओ कैंपियरगंज और पीपीगंज थानेदार को हटा दिया गया।
पुलिस ने बनाया कैंप, सोशल मीडिया पर निगरानी
फरार अपराधियों की तलाश में पीपीगंज और महाराजगंज पुलिस ने अकटहवा पुल पर अस्थायी कैंप बना रखा है। दिन-रात छापेमारी जारी है और गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।
पुलिस ने सोशल मीडिया पर सक्रिय संदिग्ध वॉट्सऐप ग्रुप्स पर भी निगरानी शुरू कर दी है।
एसपी नॉर्थ जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने कहा —
“घटना के वीडियो से आरोपियों की पहचान की जा रही है। सभी उपद्रवियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और उन पर सख्त कार्रवाई होगी।”
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