जागृत भारत | गोरखपुर पुलिस ने एक संगठित साइबर जालसाजी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गैंग के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनके माध्यम से करोड़ों रुपये की ठगी की रकम विदेशी नेटवर्क तक पहुंचाई जा रही थी। जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह का मास्टरमाइंड शैलेश चौधरी चीन के एक हैकर के संपर्क में था और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए ठगी की रकम विदेश भेजता था।
ऐसे चलता था ठगी का नेटवर्क
एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के पास से 23,100 रुपये नकद, छह मोबाइल, लैपटॉप, प्रिंटर और 235 पन्नों के दस्तावेज बरामद किए गए हैं। गिरोह के सदस्य म्यूल बैंक खातों के माध्यम से ठगी की रकम प्राप्त कर उसे क्रिप्टोकरेंसी (USDT TRC-20) में बदलते थे और हवाला चैनलों से विदेश भेजते थे।
शैलेश चौधरी, जो गैंग का मास्टरमाइंड है, पहले से ही मुंबई में आईटी एक्ट के तहत एक मामले में आरोपी है। वह खुद को “एजुकेशनल कंसल्टेंट” बताकर एनजीओ चलाता था, लेकिन असल में साइबर फ्रॉड से कमाई गई रकम को एनजीओ खातों के जरिये छिपाने का काम करता था।
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चीन के हैकर से था संपर्क
जांच में पता चला है कि शैलेश व्हाट्सएप कॉल के जरिए चीन के हैकर से बातचीत करता था। यही हैकर भारत के अलग-अलग राज्यों में फैले नेटवर्क को नियंत्रित करता था। गिरोह ठगी से प्राप्त रकम को पहले नकद में बदलता और फिर क्रिप्टो करेंसी के रूप में विदेश भेज देता था।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं:
- शैलेश चौधरी – कैंट थाना क्षेत्र निवासी (गैंग का मास्टरमाइंड)
- आदिल शफीक – गोरखनाथ क्षेत्र के जमुनियाबाग निवासी
- शुभम राय – कुशीनगर मूल निवासी, हाल पता दिव्यनगर
- विशाल गुप्ता – कोतवाली क्षेत्र के बक्शीपुर निवासी
- अनुज साह – माया बाजार निवासी
इनमें से शैलेश के पिता पुलिस फोर्स से रिटायर्ड हैं। बेटे की करतूत जानने के बाद उन्होंने कहा — “बेटे ने गद्दारी की है, इसे सख्त से सख्त सजा दी जाए।”
करोड़ों के ट्रांजैक्शन का खुलासा
पुलिस की जांच में अब तक 3.10 करोड़ रुपये और 3 लाख यूएसडीटी (क्रिप्टो) के लेनदेन का पता चला है।
अब तक की विवेचना में 70.54 लाख रुपये की संदिग्ध वित्तीय गतिविधि ट्रेस की गई है, जिसमें से 9.60 लाख रुपये पुलिस ने विभिन्न खातों में फ्रीज कर दिए हैं।
गैंग के सदस्यों के मोबाइल से विदेशी वॉट्सऐप नंबर, डिजिटल वॉलेट एड्रेस, और बैंक ट्रांजैक्शन डिटेल्स मिले हैं। जांच एजेंसियों को शक है कि यह नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय ठग गिरोहों से जुड़ा हुआ है।
जेल भेजे गए सभी आरोपी
साइबर क्राइम थाना और एसओजी टीम की संयुक्त कार्रवाई में गिरोह के सभी पांच सदस्यों को बिस्मिल पार्क के पास से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के बाद सभी को गुरुवार को जेल भेज दिया गया है।
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