जागृत भारत | गोरखपुर(Gorakhpur): जनपद स्थित महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों के लिए एक बड़ा शैक्षणिक अवसर खोला है। आयुर्वेद विभाग ने बी फार्मा (Ayurvedic Pharmacy) और बीएससी नर्सिंग कोर्स शुरू कर दिए हैं। दोनों कोर्सों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण विश्वविद्यालय पोर्टल पर शुरू हो चुके हैं।
डी फार्मा छात्रों के लिए बड़ी सौगात—सीधे दूसरे वर्ष में प्रवेश
विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी छात्र के पास डी फार्मा की डिग्री है, तो उसे बी फार्मा के दूसरे वर्ष में लैटरल एंट्री दी जाएगी। इससे छात्रों का एक वर्ष बचेगा और वे तेजी से अपनी पढ़ाई पूरी कर सकेंगे।
विदेशी छात्रों के लिए भी खुला प्रवेश, आयुर्वेद का वैश्विक आकर्षण
आयुष विश्वविद्यालय ने विदेशी छात्रों के लिए भी प्रवेश का मार्ग खोला है। विशेष तौर पर श्रीलंका, सिंगापुर, भूटान, वर्मा और नेपाल जैसे देशों के छात्रों के लिए यह कोर्स आयुर्वेद में बढ़ते वैश्विक रुचि को ध्यान में रखते हुए अत्यंत उपयोगी माना जा रहा है।
सीटों की कोई सीमा नहीं—जितने छात्र आएँगे, सबको मिलेगा अवसर
आयुष विभाग ने बताया कि विज्ञान वर्ग (इंटरमीडिएट या उसके समकक्ष) से उत्तीर्ण सभी छात्र-छात्राएँ इन कोर्सों में आवेदन कर सकते हैं। सीटों की संख्या निर्धारित नहीं की गई है। विश्वविद्यालय का लक्ष्य अधिक से अधिक अभ्यर्थियों को प्रवेश देना है।
छात्रों को नौकरी मिले—इसलिए बनेगा प्लेसमेंट सेल
विश्वविद्यालय के नामांकन प्रबंधन और भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए प्रशासन प्लेसमेंट सेल गठित करने जा रहा है।
अंतिम वर्ष की परीक्षा से पहले बड़े आयुर्वेदिक उद्योगों और कंपनियों को बुलाकर छात्रों का इंटरव्यू कराया जाएगा, ताकि वे पढ़ाई पूरी करते-करते नौकरी भी पा सकें।
स्थानीय कॉलेज में पढ़ाई जारी रखने का विकल्प भी उपलब्ध
यदि कोई छात्र यहां प्रवेश लेने के बाद अपने क्षेत्र के किसी मान्यता प्राप्त महाविद्यालय में यह कोर्स करना चाहे, तो विश्वविद्यालय प्रशासन उसे यह सुविधा देने का प्रयास करेगा। इससे छात्रों को लचीलापन मिलेगा।
बीएससी नर्सिंग (Ayurveda) कोर्स शुरू—आयुर्वेदिक अस्पतालों के लिए तैयार होंगे नए विशेषज्ञ
आयुष विश्वविद्यालय ने बीएससी नर्सिंग कोर्स भी शुरू कर दिया है। अब तक आयुर्वेदिक अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा विज्ञान (Modern Medical Science) से बीएससी नर्सिंग पास स्टाफ नर्सों की नियुक्ति होती थी, जिन्हें आयुर्वेद की ट्रेनिंग दी जाती थी। लेकिन अब आयुर्वेदिक पद्धति की नर्सिंग में प्रशिक्षित युवा सीधे आयुर्वेदिक अस्पतालों में नौकरी पा सकेंगे। यह कोर्स आयुर्वेदिक हेल्थ सेक्टर में योग्य नर्सों की कमी को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा।
कुलपति डॉ. के रामचंद्र रेड्डी का बयान
“बी फार्मा और बीएससी नर्सिंग कोर्स की शुरुआत से छात्रों को आयुर्वेदिक चिकित्सा क्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे। प्लेसमेंट सेल बनाकर उन्हें पढ़ाई के साथ ही नौकरी की दिशा में मजबूत मार्गदर्शन दिया जाएगा।”
गोरखपुर में 11वीं के छात्र का अपहरण: प्रेम-प्रसंग की रंजिश में उठा ले गए बदमाश, पुलिस की तेजी से बची जान
➤ You May Also Like

























































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































