जागृत भारत | देवरिया(Deoria): जिले में सलेमपुर तहसील के लेखपाल आशीष कुमार की आकस्मिक मृत्यु ने पूरे राजस्व विभाग को गहरे सदमे में डाल दिया है। शनिवार को ड्यूटी के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। पहले उन्हें स्थानीय चिकित्सक के पास ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर देखते हुए रेफर कर दिया गया। बाद में एक प्राइवेट अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्राथमिक तौर पर बीमारी से मौत की बात सामने आई है बताया जा रहा है कि वह पथरी की समस्या से जूझ रहे थे।
परिजन बोले— कार्य का अत्यधिक दबाव बना बीमारी की वजह
आशीष कुमार के धनगढा के परसन टोला निवासी परिजनों ने आरोप लगाया कि वह पिछले कई हफ्तों से बीएलओ कार्य, मतदाता सूची पुनरीक्षण, फील्ड सर्वे, भू-अभिलेख अद्यतन जैसे कार्यों में लगातार व्यस्त थे। स्टाफ की कमी के चलते उन्हें कई अतिरिक्त क्षेत्रों की जिम्मेदारी भी संभालनी पड़ रही थी।
परिजनों के अनुसार लगातार फील्ड वर्क और मानसिक दबाव के चलते वह सिरदर्द, घबराहट और बेचैनी से परेशान थे, लेकिन काम की अधिकता के कारण आराम का समय नहीं मिल पा रहा था।
लेखपाल संघ ने जांच की मांग की
घटना के बाद देवरिया लेखपाल संघ ने इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए शासन-प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। संघ का कहना है कि विभाग में लंबे समय से स्टाफ की भारी कमी है, जिसका सीधा बोझ फील्ड में काम करने वाले लेखपालों पर पड़ता है।
संघ के जिला अध्यक्ष लखमुद्दीन ने कहा—
“एसआईआर और अन्य फील्ड कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देशों ने कार्यभार को असामान्य रूप से बढ़ा दिया है। यदि हालात ऐसे ही रहे तो और भी दुर्घटनाएं हो सकती हैं। सरकार को तुरंत स्टाफ बढ़ाते हुए कार्य विभाजन संतुलित करना चाहिए।”
अधिकारियों ने जताया दुख, रिपोर्ट का इंतजार
राजस्व विभाग के अधिकारियों ने लेखपाल आशीष की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। एसडीएम दिशा श्रीवास्तव ने कहा कि आशीष पथरी की समस्या से पीड़ित थे और इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
तहसील में शोक, आगे की रणनीति पर विचार
आशीष कुमार की असामयिक मृत्यु से परिजनों के साथ-साथ तहसील के कर्मचारी, ग्रामीण और स्थानीय जनप्रतिनिधि शोक में हैं।
सलेमपुर तहसील लेखपाल संघ के अध्यक्ष लखमुद्दीन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्य परिस्थितियों में सुधार और जांच प्रक्रिया पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो संघ आगे की रणनीति तय करने को बाध्य होगा।
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