जागृत भारत | देवरिया(Deoria): जनपद में भू-संपत्तियों की न्यूनतम मूल्य दरों को लेकर बड़ी राहत की खबर सामने आई है। जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने स्पष्ट किया है कि जनपद में भूमि एवं अन्य अचल संपत्तियों की न्यूनतम मूल्य दरों में किसी प्रकार का कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह निर्णय उत्तर प्रदेश स्टाम्प (संपत्ति का मूल्यांकन) नियमावली 1997 एवं द्वितीय संशोधन नियमावली 2013 के नियम-4 (1) के अंतर्गत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार लिया गया है।
जनसामान्य की आपत्तियों और सुझावों पर हुआ विचार
जिलाधिकारी ने बताया कि न्यूनतम मूल्य दर सूची के वार्षिक पुनरीक्षण के दौरान जनसामान्य से प्राप्त आपत्तियों और सुझावों को गंभीरता से सुना गया और उन पर विस्तार से विचार किया गया। प्रशासन की प्राथमिकता रही कि बाजार की वास्तविक स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही कोई निर्णय लिया जाए, जिससे आम नागरिकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।
वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक
इस संबंध में अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व), सहायक महानिरीक्षक निबंधन, उप जिलाधिकारी एवं उप निबंधक सदर, सलेमपुर, रुद्रपुर, बरहज और भाटपार रानी के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के सभी तहसीलों में भू-संपत्तियों के क्रय-विक्रय की वास्तविक स्थिति का गहन परीक्षण किया गया।
बाजार दरें न्यूनतम मूल्य सूची के अनुरूप पाईं गईं
जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि वर्तमान समय में भूमि और अन्य अचल संपत्तियों की बाजार दरें पहले से लागू न्यूनतम मूल्य दर सूची के अनुरूप ही हैं। कहीं भी ऐसी स्थिति नहीं पाई गई, जिससे दरों में वृद्धि की आवश्यकता प्रतीत हो। इसके आधार पर समिति ने सर्वसम्मति से संस्तुति दी कि मौजूदा मूल्यांकन सूची को यथावत रखा जाए।
30 अगस्त से लागू दरें रहेंगी जारी
जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने बताया कि 30 अगस्त से प्रभावी न्यूनतम मूल्य दर सूची की समस्त दरें अब 1 जनवरी 2026 से भी लागू रहेंगी। इसका सीधा लाभ आम जनता को मिलेगा, क्योंकि भूमि क्रय-विक्रय, पंजीकरण और स्टाम्प शुल्क में किसी प्रकार की अतिरिक्त वृद्धि नहीं होगी।
आम लोगों और निवेशकों को बड़ी राहत
इस निर्णय से जमीन खरीदने-बेचने वाले आम नागरिकों, किसानों, व्यवसायियों और निवेशकों को बड़ी राहत मिली है। प्रशासन का यह कदम पारदर्शिता और जनहित में संतुलन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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