जागृत भारत | देवरिया में आजाद अधिकार सेना के पदाधिकारियों ने पूर्व आईपीएस अधिकारी एवं संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर की उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारी को अवैध, असंवैधानिक और राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित बताया है। संगठन ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे कानून के शासन, लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला करार दिया है।
संगठन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर अमिताभ ठाकुर को रिहा नहीं किया गया, तो कार्यकर्ता जिला कारागार के सामने आत्मदाह करने को मजबूर होंगे। इस चेतावनी के साथ उन्होंने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
सोमवार दोपहर आजाद अधिकार सेना के नौ वरिष्ठ पदाधिकारियों ने देवरिया जिला कारागार में बंद अमिताभ ठाकुर से मुलाकात की। यह मुलाकात 15 दिसंबर 2025 को राष्ट्रीय संगठन मंत्री देवेंद्र सिंह राणा के नेतृत्व में हुई। प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय सचिव एवं प्रदेश अध्यक्ष विनोद कुमार पांडे, मंडल अध्यक्ष अभिषेक राय, आशुतोष द्विवेदी (प्रयागराज), देवीपाटन मंडल अध्यक्ष मंगल गिरी (गोंडा), बलिया जिला उपाध्यक्ष सिंहासन चौहान, मेरठ मंडल अध्यक्ष मास्टर अब्दुल अजीज, आजमगढ़ जिलाध्यक्ष अशोक सिंह और आजमगढ़ जिला उपाध्यक्ष सुनील चौधरी शामिल रहे।
जेल से बाहर आने के बाद आजमगढ़ जिलाध्यक्ष अशोक सिंह ने दोहराया कि यदि 24 घंटे के भीतर पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को रिहा नहीं किया गया, तो संगठन के कार्यकर्ता जिला कारागार गेट पर आत्मदाह करेंगे।
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मुलाकात के दौरान अमिताभ ठाकुर ने पदाधिकारियों को बताया कि वह कोडीन युक्त प्रतिबंधित कफ सिरप की अवैध तस्करी और उससे जुड़े संगठित सिंडिकेट से संबंधित गंभीर अनियमितताओं के ठोस साक्ष्यों के साथ सर्वोच्च न्यायालय में जनहित याचिका दाखिल करने के लिए दिल्ली जा रहे थे। उन्होंने आशंका जताई कि इसी वजह से उन्हें योजनाबद्ध तरीके से निशाना बनाकर गिरफ्तार किया गया है।
अमिताभ ठाकुर ने जेल में अपने साथ शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना किए जाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि उनके चेहरे और शरीर पर चोटों के स्पष्ट निशान हैं। साथ ही उन्होंने बैरक में लगे सीसीटीवी कैमरों से निजता के हनन और अत्यधिक निगरानी की बात कही। उन्होंने अपनी जान को गंभीर खतरा बताते हुए यहां तक आशंका जताई कि उनके खिलाफ हत्या की साजिश भी रची जा सकती है।
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