जागृत भारत | बिजनौर(Bijnor): उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के नंदपुर गांव में एक कुत्ता पिछले चार दिनों से मंदिर परिसर में स्थापित हनुमान जी की मूर्ति की लगातार परिक्रमा कर रहा है। इस अनोखी घटना को देखकर ग्रामीणों में जहां आस्था का भाव उमड़ पड़ा है, वहीं यह मामला चर्चा और कौतूहल का विषय भी बना हुआ है।
200 साल पुराने मंदिर से जुड़ी है घटना
गांव के अंतिम छोर पर स्थित नंदलाल देवता महाराज का यह मंदिर करीब 200 वर्ष से अधिक पुराना है। मंदिर की देखरेख करने वाले तुषार सैनी के अनुसार, रविवार दोपहर कुत्ता पहली बार मंदिर के आसपास दिखाई दिया। सोमवार तड़के जब मंदिर की साफ-सफाई के लिए पहुंचे तो कुत्ते को हनुमान जी की मूर्ति की परिक्रमा करते देखा गया।
भगाने की कोशिशें नाकाम, वीडियो हुआ वायरल
तुषार सैनी ने बताया कि कुत्ते को भगाने का काफी प्रयास किया गया, लेकिन वह लगातार परिक्रमा करता रहा। गुरुवार को चौथे दिन भी उसकी यही गतिविधि जारी रही। इस दौरान कई ग्रामीण मौके पर पहुंचे और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
ग्रामीणों ने शुरू की भंडारे की तैयारी
कुत्ते की इस हरकत को आस्था से जोड़ते हुए ग्रामीणों ने मंदिर परिसर में भंडारे की तैयारी शुरू कर दी। लोगों ने कुत्ते के लिए दूध और रोटी रखी, हालांकि शुरुआती दिनों में उसने कुछ नहीं खाया। तीसरे दिन उसने थोड़ा आराम करने के बाद दूध पिया और फिर दोबारा परिक्रमा शुरू कर दी।
पशु चिकित्सकों की जांच, रेबीज से इनकार
बुधवार देर शाम पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रजनीश कुमार के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम गांव पहुंची और कुत्ते की जांच की। डॉक्टरों के अनुसार कुत्ता शारीरिक रूप से स्वस्थ है और उसमें रेबीज के कोई लक्षण नहीं पाए गए हैं।
फ्रंट ब्रेन डिसऑर्डर की जताई गई आशंका
पशु चिकित्सकों का मानना है कि कुत्ते को फ्रंट ब्रेन डिसऑर्डर हो सकता है। इस स्थिति में जानवर बार-बार एक जैसी गतिविधि करता है, जैसे गोल-गोल घूमना या किसी विशेष स्थान के चक्कर लगाना। हालांकि इसकी पुष्टि केवल एमआरआई या अन्य उन्नत जांच के बाद ही हो सकेगी।
क्या होता है फ्रंट ब्रेन डिसऑर्डर
फ्रंट ब्रेन डिसऑर्डर कुत्तों में मस्तिष्क के अग्र भाग को प्रभावित करने वाली स्थिति होती है। इसमें भ्रम, व्यवहार में बदलाव, संतुलन बिगड़ना, बार-बार एक ही दिशा में घूमना, भूख में बदलाव जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इसके कारण उम्र बढ़ना, संक्रमण, मस्तिष्क में सूजन या सिर में चोट भी हो सकती है। सही कारण जानने के लिए एमआरआई या सीटी स्कैन आवश्यक होता है और उसी आधार पर उपचार किया जाता है।
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