जागृत भारत | पटना: नए वर्ष में बिहार पुलिस को आधुनिक पुलिसिंग की दिशा में बड़ी सौगात मिलने जा रही है। राज्य में इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम (ERSS) डायल-112 और साइबर अनुसंधान एवं नियंत्रण इकाई के लिए दो अत्याधुनिक भवनों का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए पटना शहर में दो अलग-अलग स्थानों पर भूमि का चयन कर लिया गया है और दोनों परियोजनाओं पर जल्द ही काम शुरू होने की संभावना है।
जानकारी के अनुसार, डायल-112 के लिए पटना के राजीव नगर क्षेत्र में लगभग 27 कट्ठा जमीन चिन्हित की गई है, जबकि साइबर अपराध नियंत्रण इकाई के भवन के लिए मैंग्लस रोड पर 15 से 20 कट्ठा भूमि का चयन किया गया है। इन दोनों भवनों के निर्माण से राज्य में आपातकालीन सेवाओं और साइबर अपराध पर नियंत्रण को और अधिक मजबूत किया जा सकेगा।
सात मंजिला होगा डायल-112 का हाई-टेक भवन
डायल-112 के लिए प्रस्तावित भवन सात मंजिला होगा, जिसकी अनुमानित लागत करीब 100 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह भवन पूरी तरह से हाई-सिक्योरिटी सिस्टम से लैस रहेगा। यहां अत्याधुनिक कॉल सेंटर, ऑपरेशन रूम, राज्य स्तरीय कंट्रोल यूनिट और उन्नत डेटा मैनेजमेंट सिस्टम स्थापित किए जाएंगे।
इसके साथ ही इस परिसर में राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (SCRB) का मुख्य कार्यालय और स्टेट डेटा सेंटर भी संचालित होगा। महत्वपूर्ण दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की सुरक्षा के लिए आधुनिक स्टोरेज सिस्टम लगाया जाएगा। भवन में आग से सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और अन्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे।
साइबर अपराध नियंत्रण के लिए अलग पांच मंजिला भवन
साइबर अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से एक अलग पांच मंजिला विशेष भवन का निर्माण किया जाएगा। इस भवन में साइबर हेल्पलाइन 1930 का कॉल सेंटर, कंट्रोल यूनिट, जांच अधिकारियों के कार्यालय और एक अत्याधुनिक फॉरेंसिक लैब स्थापित की जाएगी।
भवन के ग्राउंड फ्लोर पर राज्य स्तरीय साइबर थाना होगा, जहां साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन ठगी और अन्य डिजिटल अपराधों से संबंधित शिकायतें दर्ज की जा सकेंगी। इससे पीड़ितों को त्वरित सहायता मिलने के साथ-साथ मामलों की जांच भी अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।
आधुनिक पुलिसिंग की दिशा में बड़ा कदम
इन दोनों अत्याधुनिक भवनों के निर्माण से बिहार पुलिस की कार्यक्षमता और तकनीकी क्षमता में बड़ा इजाफा होगा। आपातकालीन सेवाओं की त्वरित प्रतिक्रिया और साइबर अपराधों पर सख्त नियंत्रण सुनिश्चित करने की दिशा में इसे एक अहम कदम माना जा रहा है। नए ढांचे के साथ बिहार पुलिस डिजिटल और तकनीकी रूप से और अधिक सशक्त होकर आम जनता को बेहतर सुरक्षा प्रदान कर सकेगी।
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