जागृत भारत | वाराणसी(Varanasi): काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के रुइया छात्रावास में गुरुवार दोपहर बाद छात्रों के दो गुटों के बीच हुई मारपीट ने विश्वविद्यालय परिसर में तनाव की स्थिति पैदा कर दी। संस्कृतविद्या धर्मविज्ञान संकाय स्थित रुइया छात्रावास के गेट के सामने दोपहर करीब साढ़े तीन बजे छात्रों के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें दो छात्र घायल हो गए।
जातिगत टिप्पणी से विवाद भड़कने की प्रारंभिक जानकारी
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस विवाद की जड़ जातिगत टिप्पणी बताई जा रही है। झड़प के दौरान दो छात्रों को चोटें आईं, जिनमें से एक छात्र के सिर में गंभीर चोट लगी है। घायल छात्र को इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है।
पथराव और बवाल के बाद पुलिस-पीएसी तैनात
मारपीट के दौरान कुछ छात्रों पर पथराव करने का भी आरोप है, जिसके बाद परिसर में स्थिति बिगड़ गई और फोर्स बुलानी पड़ी। घटना की सूचना मिलते ही लंका पुलिस और बीएचयू चौकी प्रभारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति नियंत्रित करने के लिए पीएसी को भी बुलाया गया।
बिरला-सी में घुसी फोर्स, आरोपित छात्रों की तलाश
शाम करीब छह बजे पुलिस और पीएसी की टीम बिरला-सी इलाके में घुसी और आरोपित छात्रों की तलाश शुरू की। इस दौरान छात्र फिर से आक्रोशित हो गए और परिसर में गहमा-गहमी का माहौल देर रात तक बना रहा।
छात्रावास के बाहर प्रदर्शन, प्रशासन पर उठे सवाल
मारपीट की घटना के बाद आक्रोशित छात्र छात्रावास से बाहर निकलकर सड़क पर प्रदर्शन करने लगे। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन को इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए, लेकिन हीलाहवाली के कारण छात्र अक्सर हिंसा का शिकार बनते हैं। छात्रों ने आरोप लगाया कि प्रशासन की ओर से उचित और सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे छात्रों में असंतोष और आक्रोश बढ़ रहा है।
घायल छात्र के समर्थन में जुटे छात्र, प्रॉक्टोरियल बोर्ड से वार्ता
घटना के बाद घायल छात्र पीयूष तिवारी के समर्थन में बड़ी संख्या में छात्र बिरला चौराहे पर एकत्र हो गए। रुइया छात्रावास के गेट पर 50 से 60 छात्र जुटकर प्रॉक्टोरियल बोर्ड से वार्ता करने पहुंचे।
पुलिस का बयान, मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया
इंस्पेक्टर लंका के अनुसार पीड़ित छात्र से तहरीर ली जा रही है और मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस ने आक्रोशित छात्रों को समझाकर शांत करने का प्रयास किया, हालांकि छात्रों का गुस्सा देर तक कम नहीं हुआ।
शैक्षणिक माहौल पर असर, असुरक्षा की भावना
इस घटना ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय के शैक्षणिक माहौल को प्रभावित किया है और छात्रों के बीच असुरक्षा की भावना गुरुवार शाम से उत्पन्न हो गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारियों ने भी मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। बीएचयू में इस प्रकार की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन इस बार की घटना ने छात्रों के बीच असंतोष को और बढ़ा दिया है।
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