जागृत भारत | आगरा(Agra): जनपद के जीवनी मंडी थाना क्षेत्र की पुलिस चौकी से पुलिसिया बर्बरता का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक दूध बेचने वाले युवक को सिर्फ इस बात पर अमानवीय यातनाएं दी गईं कि उसने ऑटो से थाने तक ले जाने में असमर्थता जताई थी। आरोप है कि चौकी इंचार्ज ने युवक को चौकी में बंद कर बेरहमी से पीटा और प्लास से उसके पैर के नाखून तक उखाड़ दिए।
दूध बेचने वाले दो भाई बने पुलिसिया ज़ुल्म का शिकार
सैंया के बाग किशोरा वीरई निवासी नरेंद्र कुशवाह और उसका बड़ा भाई धीरज कुशवाह पेशे से दूधिए हैं। दोनों ई-ऑटो के जरिए दूध सप्लाई कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे नरेंद्र अपने ऑटो के साथ खड़ा था, जबकि उसका भाई दूध देने गया हुआ था।
इसी दौरान चौकी इंचार्ज रवि कुमार चार पुलिसकर्मियों के साथ वहां पहुंचे और नरेंद्र से ऑटो द्वारा थाना छत्ता चलने को कहा।
मना करने पर दारोगा का आपा खोया
नरेंद्र ने बताया कि वह ऑटो ठीक से नहीं चला पाता, इसलिए थाने तक जाने में असमर्थ है। यह सुनते ही चौकी इंचार्ज रवि कुमार बौखला गए और मौके पर ही डंडे से उसकी पिटाई शुरू कर दी। विरोध करने पर पुलिसकर्मियों ने उसे जबरन पकड़ लिया।
वीडियो बनाने पर छीना मोबाइल, जबरन चौकी ले गए
मारपीट के दौरान नरेंद्र ने जब मोबाइल निकालकर वीडियो बनाना चाहा, तो पुलिसकर्मियों ने उसका मोबाइल छीन लिया। इसके बाद उसे घसीटते हुए बाइक पर बैठाया गया और जीवनी मंडी पुलिस चौकी ले जाया गया। एक सिपाही उसका ई-ऑटो भी चौकी ले आया।
चौकी में अमानवीय यातनाएं, दो डंडे टूटे
चौकी के कमरे में एक सिपाही से नरेंद्र के पैर पकड़वाए गए। इसके बाद चौकी इंचार्ज ने तलवों पर डंडों से ताबड़तोड़ प्रहार किए। पीड़ित चीखता-चिल्लाता रहा, लेकिन मारपीट जारी रही। बताया गया कि पिटाई के दौरान दो डंडे तक टूट गए।
प्लास से उखाड़े नाखून, लात-घूंसों से भी पीटा
इतना ही नहीं, आरोप है कि इसके बाद चौकी इंचार्ज ने प्लास मंगवाया और नरेंद्र के पैर के नाखून उखाड़ दिए। अन्य पुलिसकर्मियों ने भी उसे लात-घूंसों से पीटा। गंभीर रूप से घायल हालत में उसे गाड़ी से थाना छत्ता ले जाया गया।
उल्टा पीड़ित पर ही शांति भंग की कार्रवाई
यातनाओं के बाद भी पुलिस का मन नहीं भरा। थाना छत्ता में नरेंद्र के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई कर दी गई और उसका ऑटो पुलिस चौकी में खड़ा कर दिया गया। बाद में उसके भाई ने एसीपी कोर्ट से जमानत कराकर उसे छुड़वाया।
मामला सामने आते ही दारोगा निलंबित
घटना की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने चौकी प्रभारी रवि कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच में अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सवालों के घेरे में पुलिस की कार्यप्रणाली
इस घटना ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यशैली और मानवाधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों में घटना को लेकर भारी आक्रोश है और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की जा रही है।
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