देवरिया जिले में पुलिस की सतर्कता और मानवीय संवेदना की मिसाल सामने आई है। मंगलवार शाम को रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के पुराने पटनवा पुल पर एक किशोरी नदी में कूदने की कोशिश कर रही थी। लेकिन मौके पर मौजूद सीओ नगर संजय कुमार रेड्डी और उनकी टीम की तत्परता से उसकी जान बच गई।
सीओ की नज़र पड़ी तो अलर्ट हुए अफसर
करीब शाम 4:30 बजे सीओ नगर संजय कुमार रेड्डी और थाना प्रभारी अभिषेक यादव पुलिस टीम के साथ गश्त पर थे। तभी उन्होंने देखा कि पुल पर बुर्का पहने एक लड़की रोते हुए खड़ी है और नदी में छलांग लगाने की कोशिश कर रही है। स्थिति को भांपते हुए सीओ नगर तुरंत सक्रिय हो गए।
उन्होंने लड़की से शांत भाव से बात करने की कोशिश की और उसे बातचीत में उलझाए रखा। इसी दौरान मौके पर मौजूद एक युवक पुल के पिलर पर कूद गया और जैसे ही लड़की का पैर फिसला, पुलिसकर्मियों ने स्थानीय लोगों की मदद से उसे खींचकर ऊपर सुरक्षित कर लिया।
थाने पहुंची तो टूटी आवाज़ में बताया नाम
लड़की को सुरक्षित थाने लाया गया। वहां महिला सिपाही आशा सरोज और सरिता यादव ने उससे बातचीत की। कुछ देर बाद उसने अपना नाम हशमुन निशा उर्फ प्रीति (14 वर्ष) बताया।
उसने बताया कि वह बालपुर श्रीनगर, थाना तरकुलवा, जिला देवरिया की रहने वाली है। वह अपनी चाची चांदनी के साथ कहीं गई थी, लेकिन रास्ता भटक गई और मानसिक रूप से परेशान होकर आत्महत्या का प्रयास कर बैठी।
मां ने कहा – कभी-कभी हो जाती है बहुत परेशान
जब पुलिस ने परिवार से संपर्क किया, तो उसकी मां सलमा और परिजन थाने पहुंचे। सलमा ने बताया कि उनकी बेटी कभी-कभी बिना किसी कारण बहुत बेचैन और उदास हो जाती है, और आज भी शायद वैसा ही हुआ।
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परिजनों को सौंपी गई किशोरी, पुलिस की सराहना
पुलिस ने चिकित्सकीय जांच के बाद किशोरी को सकुशल उसके परिवार को सौंप दिया। बेटी को सुरक्षित देखकर मां की आंखों से राहत के आंसू झलक पड़े। परिवार ने सीओ नगर संजय कुमार रेड्डी, थाना प्रभारी अभिषेक यादव और टीम का आभार जताया।
मौके पर मौजूद लोगों ने भी कहा — “अगर पुलिस कुछ सेकंड देर करती, तो मासूम की जान चली जाती।”
सीओ बोले — ‘पुलिस का काम सिर्फ अपराध रोकना नहीं, जान बचाना भी है’
सीओ नगर संजय कुमार रेड्डी ने कहा, “पुलिस का कर्तव्य केवल अपराध नियंत्रण नहीं, बल्कि जनता की सुरक्षा भी है। हमारी टीम ने संवेदनशीलता और तत्परता दिखाते हुए बच्ची की जान बचाई।”
थाना प्रभारी अभिषेक यादव ने बताया कि बच्ची को काउंसलिंग की आवश्यकता है और परिवार को सलाह दी गई है कि उस पर ध्यान रखें और जरूरत पड़ने पर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करें।
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