Breaking News

UP सरकार का बड़ा आदेश: 31 जनवरी तक संपत्ति विवरण अनिवार्य, नहीं देने पर शिक्षकों और कर्मचारियों की जनवरी का वेतन रोकने का आदेश

Published on: January 23, 2026
up-teachers-property-declaration-deadline-salary-hold

जागृत भारत | लखनऊ(Lucknow): उत्तर प्रदेश के परिषदीय और माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और शिक्षणेतर कर्मियों के लिए राज्य सरकार ने संपत्ति विवरण को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। अब सभी शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को अपनी चल और अचल संपत्ति का पूरा विवरण मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा।

31 जनवरी तक अपलोड करना अनिवार्य

शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी संबंधित कर्मचारियों को 31 जनवरी तक अपनी संपत्ति का विवरण पोर्टल पर दर्ज करना होगा। निर्धारित समय सीमा के भीतर विवरण न देने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जनवरी का वेतन रोकने का आदेश

आदेश में यह भी कहा गया है कि जिन शिक्षकों और शिक्षणेतर कर्मियों ने समय सीमा के भीतर संपत्ति विवरण अपलोड नहीं किया, उनका जनवरी माह का वेतन फरवरी में जारी नहीं किया जाएगा। यानी वेतन भुगतान को सीधे तौर पर संपत्ति विवरण से जोड़ दिया गया है।

मुख्य सचिव के आदेश के बाद जारी हुआ निर्देश

यह सख्त व्यवस्था मुख्य सचिव द्वारा जारी आदेश के क्रम में लागू की गई है। स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी ने गुरुवार को इस संबंध में विस्तृत निर्देश जारी करते हुए सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने जिलों में कार्यरत सभी शिक्षकों और कर्मचारियों से समय रहते संपत्ति विवरण अपलोड कराएं।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी

महानिदेशक ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने जिलों में शिक्षकों और शिक्षणेतर कर्मचारियों को इस आदेश की जानकारी दें और यह सुनिश्चित करें कि सभी कर्मचारी निर्धारित तिथि से पहले मानव संपदा पोर्टल पर अपनी संपत्ति का विवरण अपलोड कर दें।

केवल विवरण देने वालों को मिलेगा वेतन

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि केवल वही शिक्षक और कर्मचारी जनवरी माह का देय वेतन फरवरी में प्राप्त कर सकेंगे, जिन्होंने मानव संपदा पोर्टल पर संपत्ति का विवरण अपलोड कर दिया है। जिनका विवरण लंबित रहेगा, उनके वेतन पर रोक रहेगी।

सरकारी पारदर्शिता बढ़ाने की पहल

सरकार का यह कदम कर्मचारियों की संपत्ति संबंधी जानकारी को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। इससे सरकारी सेवकों की संपत्ति की निगरानी आसान होगी और प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी।

मऊ में बोतलबंद पानी निकला दूषित, कोलीफार्म बैक्टीरिया से पीलिया का खतरा; दो कंपनियों का लाइसेंस रद्द

Discover more from jagrutbharat.com :: जागृत भारत

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

1 thought on “UP सरकार का बड़ा आदेश: 31 जनवरी तक संपत्ति विवरण अनिवार्य, नहीं देने पर शिक्षकों और कर्मचारियों की जनवरी का वेतन रोकने का आदेश”

Leave a Reply

error: Content is protected !!