जागृत भारत | आगरा(Agra): जिले में गुरुवार रात एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जहां सड़क पर दौड़ती एक कार अचानक आग का गोला बन गई। कार के सेंट्रल लॉक सिस्टम के कारण चालक गाड़ी से बाहर नहीं निकल सका और जिंदा जलकर उसकी दर्दनाक मौत हो गई। इस भयावह घटना से इलाके में हड़कंप मच गया और लोग सहमे नजर आए।
जगदीशपुरा क्षेत्र में सड़क पर दौड़ती कार में लगी आग
घटना गुरुवार रात करीब नौ बजे जगदीशपुरा थाना क्षेत्र के मघटई तिराहा, अछनेरा-भरतपुर मार्ग पर हुई। कमला नगर के सुभाष नगर शीतल अपार्टमेंट निवासी 48 वर्षीय वीरेंद्र ठाकवानी अपनी आई टेन ग्रांड डीजल कार से बोदला से बिचपुरी की ओर जा रहे थे। इसी दौरान अचानक कार में आग लग गई और कुछ ही पलों में वाहन आग का गोला बन गया।
सेंट्रल लॉक फेल होने से कार में फंसे चालक
बताया जा रहा है कि वीरेंद्र ने तुरंत कार रोकने की कोशिश की, लेकिन सेंट्रल लॉक सिस्टम के कारण कार का गेट नहीं खुला। इससे वह वाहन के अंदर ही फंस गए और आग तेजी से फैलती चली गई। कार से उठती लपटों और चालक की चीख-पुकार से पूरा इलाका गूंज उठा, लेकिन मौके पर मौजूद लोग उसे बाहर निकालने की हिम्मत नहीं जुटा सके।
लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन नहीं बच पाई जान
हादसे के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। कुछ लोगों ने आग बुझाने का प्रयास भी किया, लेकिन आग इतनी तेज थी कि कोई कार के पास जाने की हिम्मत नहीं कर सका। कुछ ही मिनटों में कार पूरी तरह आग की चपेट में आ गई और वीरेंद्र ठाकवानी जिंदा जल गए।
पुलिस और फायर ब्रिगेड ने 9:27 बजे निकाला शव
सूचना मिलते ही जगदीशपुरा थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। आग पर काबू पाने के बाद रात 9 बजकर 27 मिनट पर चालक को कार से बाहर निकाला जा सका। लेकिन तब तक कार के साथ ही वीरेंद्र पूरी तरह जल चुके थे और उनकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी।
यातायात बाधित, स्वजन पहुंचे पोस्टमार्टम हाउस
इस हादसे के कारण भरतपुर मार्ग पर करीब एक घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। घटना की सूचना मिलते ही मृतक के स्वजन एसएन मेडिकल कॉलेज के पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे, जहां उन्होंने शव की पहचान की।
शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका
जगदीशपुरा थाना इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल
इस दर्दनाक हादसे के बाद इलाके में शोक और दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सेंट्रल लॉक जैसी तकनीक कभी-कभी जानलेवा साबित हो सकती है, अगर आपात स्थिति में गेट न खुल पाए।
यूपी के 37 जिलों के विकास को बड़ा बूस्ट, पूर्वांचल-बुंदेलखंड फंड के लिए 1900 करोड़ का प्रस्ताव
➤ You May Also Like


























































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































1 thought on “आगरा में भीषण हादसा: चलती कार बनी आग का गोला, सेंट्रल लॉक में फंसे LIC एजेंट की जिंदा जलकर मौत”