जागृत भारत | बरेली(Bareilly): जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने जनस्वास्थ्य से जुड़ी बड़ी कार्रवाई करते हुए खंडेलवाल आयल्स प्राइवेट लिमिटेड की खाद्य तेल पैकेजिंग इकाई पर छापा मारा है। निरीक्षण के दौरान नेपाल में निर्मित संदिग्ध गुणवत्ता वाले खाद्य तेल मिलने पर विभाग ने लाखों रुपये मूल्य के तेल की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है।
पहले भी जांच में फेल हो चुका है ‘चक्र’ ब्रांड
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार खंडेलवाल कंपनी का ‘चक्र’ ब्रांड सरसों तेल पूर्व में भी जांच के दौरान असुरक्षित पाया गया था। इसी कारण विभाग ने दोबारा सघन निरीक्षण कराने का निर्णय लिया था। इस बार की जांच में भी गुणवत्ता को लेकर गंभीर संदेह सामने आया है।
फरीदपुर स्थित पैकेजिंग यूनिट पर सघन निरीक्षण
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने फरीदपुर तहसील क्षेत्र के गौसगंज सराय स्थित मेसर्स खंडेलवाल एडिबिल आयल्स प्राइवेट लिमिटेड की पैकेजिंग इकाई का निरीक्षण किया। जांच के दौरान परिसर में रखे खाद्य तेलों की गुणवत्ता संदिग्ध पाए जाने पर मौके से कई नमूने एकत्र किए गए।
नेपाल में निर्मित तेलों की गुणवत्ता पर सवाल
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षय गोयल ने बताया कि निरीक्षण के दौरान नेपाल में निर्मित ‘माया’ और ‘साजन’ ब्रांड के खाद्य तेल मिले हैं। इन तेलों के सुरक्षा मानकों की जांच बेहद आवश्यक है, क्योंकि आयातित खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता सीधे तौर पर आम जनता के स्वास्थ्य से जुड़ी होती है।
जांच रिपोर्ट आने तक बिक्री पर पूर्ण रोक
विभाग ने जांच रिपोर्ट आने तक मौके पर मौजूद सभी संदिग्ध तेलों की बिक्री पर रोक लगा दी है। अधिकारियों के अनुसार, जब तक प्रयोगशाला से रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक इन उत्पादों को बाजार में बेचने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
सरसों तेल और रैपसीड ऑयल के नमूने लिए गए
जांच टीम ने यूनिट में पैकेज किए जा रहे कच्ची घानी सरसों तेल का नमूना लिया। इसके अलावा नेपाल निर्मित ‘माया’ ब्रांड सरसों तेल के 15 किलोग्राम क्षमता वाले टीन खोलकर नमूने संग्रह किए गए। जांच में पाया गया कि कुल 110 टीन सरसों तेल भंडारित था, जिनकी बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
‘साजन’ ब्रांड के तेल पर भी कार्रवाई
परिसर में रखे नेपाल निर्मित ‘साजन’ ब्रांड रैपसीड ऑयल के भी नमूने लिए गए। इस श्रेणी के कुल 30 टीन को भी तत्काल प्रभाव से बिक्री के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है।
दोषी पाए जाने पर होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिन कंपनियों के उत्पाद पहले असुरक्षित पाए गए हैं, उनकी लगातार निगरानी की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि तेल मानकों पर खरा नहीं उतरता है, तो संबंधित कंपनी और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विशेष टीम ने की पूरी कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुशील सचान, राघवेन्द्र प्रताप वर्मा और हिमांशु सिंह की टीम द्वारा की गई। सभी नमूनों को विशेष वाहक के माध्यम से खाद्य प्रयोगशाला भेज दिया गया है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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