जागृत भारत | लखनऊ(Lucknow): उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में हो रही मौतों को कम करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने हेलमेट नियमों को और अधिक सख्त कर दिया है। इसके तहत अब प्रदेश में दोपहिया वाहन खरीदने पर वाहन विक्रेता को ग्राहक को दो अलग-अलग आईएसआई प्रमाणित हेलमेट देना अनिवार्य कर दिया गया है।
चालक और पीछे बैठने वाली सवारी—दोनों के लिए अलग हेलमेट जरूरी
नए आदेश के अनुसार, वाहन विक्रेता को एक हेलमेट चालक के लिए और दूसरा हेलमेट पीछे बैठने वाली सवारी (पिलियन राइडर) के लिए देना होगा। यह व्यवस्था इसलिए लागू की गई है ताकि दोपहिया वाहन पर सवार हर व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
वाहन पोर्टल पर अपलोड करना होगा हेलमेट देने का प्रमाण
परिवहन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि हेलमेट देने का प्रमाण वाहन पंजीकरण से जुड़े दस्तावेजों के साथ वाहन पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। इसके बिना वाहन का रजिस्ट्रेशन पूर्ण नहीं माना जाएगा।
केंद्रीय मोटर यान अधिनियम के तहत पहले से सख्त सजा का प्रावधान
परिवहन विभाग के अनुसार, दोपहिया वाहन चालक या पिलियन सवार द्वारा हेलमेट न पहनना सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर चोट और मृत्यु का प्रमुख कारण है।
केंद्रीय मोटर यान अधिनियम के तहत:
बिना हेलमेट वाहन चलाने या पीछे बैठने पर
1000 रुपये का जुर्माना
और ड्राइविंग लाइसेंस तीन माह तक निलंबित किए जाने का प्रावधान पहले से मौजूद है।
सुप्रीम कोर्ट और रोड सेफ्टी कमेटी की सख्ती के बाद फैसला
सुप्रीम कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी ने भी हेलमेट नियमों के पालन में लापरवाही पर चिंता जताई थी। राज्यों को निर्देश दिए गए थे कि नियमों का सख्ती से अनुपालन कराया जाए। इन्हीं निर्देशों के क्रम में उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने हेलमेट को वाहन बिक्री प्रक्रिया से जोड़ने का निर्णय लिया है।
डीलरों पर भी होगी कार्रवाई, देना होगा पूरा विवरण
परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने स्पष्ट किया है कि:
नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों और पिलियन सवारों पर नियमित प्रवर्तन अभियान चलाया जाएगा
हेलमेट न देने वाले वाहन विक्रेताओं पर भी नियमानुसार कार्रवाई होगी
अब वाहन विक्रेता को फार्म में:
वाहन का चेसिस नंबर
इंजन नंबर
मॉडल
निर्माण वर्ष
दोनों हेलमेट का कोड नंबर और मॉडल
भी अनिवार्य रूप से दर्ज करना होगा।
हेलमेट पहनना अब भी बड़ी चुनौती बना हुआ
परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष प्रदेश में हेलमेट न पहनने के छह लाख 32 हजार से अधिक चालान किए गए। यह आंकड़ा दर्शाता है कि लोगों में अभी भी हेलमेट को लेकर गंभीर लापरवाही बरती जा रही है।
‘हेलमेट नहीं तो ईंधन नहीं’ अभियान भी पूरी तरह प्रभावी नहीं
प्रदेश में पहले से लागू ‘हेलमेट नहीं तो ईंधन नहीं’ अभियान के तहत पेट्रोल पंपों को बिना हेलमेट पेट्रोल न देने के निर्देश हैं। हालांकि, कई स्थानों पर अब भी नियमों की अनदेखी कर बिना हेलमेट पहने लोगों को पेट्रोल दिया जा रहा है, जिसे लेकर विभाग सख्ती बढ़ाने की तैयारी में है।
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