जागृत भारत | लखनऊ(Lucknow): उत्तर प्रदेश में भवन निर्माण कराने वालों के लिए अब जेब और ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी। राज्य सरकार ने विभिन्न शहरों के लिए विकास शुल्क की नई दरें तय कर दी हैं। आवास एवं शहरी नियोजन विभाग की ओर से **‘उप्र नगर योजना और विकास (विकास शुल्क का निर्धारण, उद्ग्रहण एवं संग्रहण) (द्वितीय संशोधन) नियमावली-2025’** जारी कर दी गई है, जिसके तहत मानचित्र पास कराने पर विकास शुल्क बढ़ा दिया गया है।
हर विकास क्षेत्र के लिए तय हुई एक समान दर
नई व्यवस्था के तहत अब प्रत्येक शहर के विकास क्षेत्र में एक ही दर से विकास शुल्क लिया जाएगा। इसके अनुसार गाजियाबाद विकास क्षेत्र में भवन निर्माण के लिए **4170 रुपये प्रति वर्गमीटर**, जबकि **लखनऊ, कानपुर और आगरा** में **2475 रुपये प्रति वर्गमीटर** विकास शुल्क देना होगा।
पहले संशोधन में दी गई थी राहत
गौरतलब है कि पिछले महीने जारी पहली संशोधन नियमावली के तहत 100 वर्गमीटर के आवासीय और 30 वर्गमीटर के व्यावसायिक भूखंड पर निर्माण करने वालों को राहत दी गई थी। उस दौरान भवन मानचित्र पास कराने पर निरीक्षण शुल्क समाप्त कर परमिट शुल्क मात्र **एक रुपये** तय किया गया था। हालांकि, अब दूसरे संशोधन के जरिए विकास शुल्क की नई और अधिक दरें लागू कर दी गई हैं।
गाजियाबाद, लखनऊ, कानपुर और आगरा में कितना बढ़ा शुल्क
आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के प्रमुख सचिव **पी. गुरुप्रसाद** द्वारा जारी आठ पेज की संशोधित नियमावली के अनुसार गाजियाबाद में पहले 2500 से 3208 रुपये प्रति वर्गमीटर तक लगने वाला विकास शुल्क बढ़ाकर सीधे **4170 रुपये** कर दिया गया है। इसी तरह लखनऊ, कानपुर और आगरा में पहले 1400 से 2040 रुपये प्रति वर्गमीटर के बीच लिया जाने वाला शुल्क अब बढ़ाकर **2475 रुपये प्रति वर्गमीटर** कर दिया गया है।
अन्य शहरों के लिए तय की गई नई दरें
वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ, मुरादाबाद, गजरौला, बरेली, लोनी, मोदीनगर और मुरादनगर के लिए विकास शुल्क **1510 रुपये प्रति वर्गमीटर** निर्धारित किया गया है। वहीं अलीगढ़, गोरखपुर, बुलंदशहर, सिकंदराबाद, खुर्जा, मुजफ्फरनगर, शामली, खलौती, हापुड़-पिलखुवा, बागपत-बड़ौत-खेकड़ा, फिरोजाबाद-शिकोहाबाद, उन्नाव-शुक्लागंज और पंडित दीनदयालनगर के लिए यह शुल्क **1070 रुपये प्रति वर्गमीटर** तय किया गया है।
छोटे शहरों में भी बढ़ा विकास शुल्क
अयोध्या, रायबरेली, बांदा, रामपुर, उरई, आजमगढ़, बस्ती, मीरजापुर, बिठूर, अकबरपुर, माती, फतेहपुर सीकरी, कोसीकला-छाता-चौमुहा-नंदगांव, गोवर्धन-राधाकुंड, गढ़ मुक्तेश्वर, जहांगीराबाद और शिकारपुर विकास क्षेत्रों में अब विकास शुल्क **755 रुपये प्रति वर्गमीटर** होगा। इससे पहले इन शहरों में विकास शुल्क 500 से 1000 रुपये प्रति वर्गमीटर के बीच था।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बदले गए नियम
उल्लेखनीय है कि पहले शासनादेश के तहत विकास प्राधिकरणों द्वारा भवन परमिट, विकास परमिट और निरीक्षण शुल्क वसूलने पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगा दी गई थी। इसके बाद राज्य सरकार ने **उत्तर प्रदेश नगर योजना और विकास अधिनियम** के तहत नई नियमावली बनाकर दोबारा शुल्क वसूलने का रास्ता साफ किया है।
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