जागृत भारत | लखनऊ(Lucknow): ईंट, पत्थर और सीमेंट के बीच पसीना बहाने वाले उत्तर प्रदेश के निर्माण श्रमिकों के जीवन में अब बड़ा बदलाव आने जा रहा है। राज्य सरकार ने निर्माण श्रमिकों के लिए एक नई और दूरगामी योजना शुरू की है, जिसके तहत वे केवल दिहाड़ी मजदूर नहीं रहेंगे, बल्कि प्रशिक्षित और प्रमाणित कुशल कर्मकार बनेंगे। यह योजना श्रमिकों को हुनर, आर्थिक सुरक्षा और स्थायी रोजगार की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास है।
1.89 करोड़ पंजीकृत श्रमिकों को मिलेगा लाभ
उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अंतर्गत प्रदेश में 1 करोड़ 89 लाख निर्माण श्रमिक पंजीकृत हैं। सरकार की इस योजना का उद्देश्य चरणबद्ध तरीके से इन सभी श्रमिकों को आधुनिक तकनीकों में प्रशिक्षित करना है, ताकि वे बदलते समय के अनुरूप काम कर सकें और बेहतर आय अर्जित कर सकें।
बोर्ड और राष्ट्रीय संस्था के बीच हुआ एमओयू
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड और दत्तोपंत ठेंगड़ी राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षा एवं विकास बोर्ड के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस एमओयू के तहत प्रशिक्षण की गुणवत्ता, पाठ्यक्रम और प्रमाणन की प्रक्रिया को राष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुरूप रखा जाएगा।
आधुनिक तकनीकों में दिया जाएगा प्रशिक्षण
योजना के अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को आधुनिक निर्माण तकनीकों, नई मशीनों और उन्नत कार्यप्रणालियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे श्रमिकों की दक्षता बढ़ेगी और वे अधिक सुरक्षित, तेज और गुणवत्तापूर्ण कार्य करने में सक्षम बनेंगे। प्रशिक्षण के बाद वे कुशल श्रमिक के रूप में पहचान बना सकेंगे।
पहले चरण में सात जिलों से होगी शुरुआत
इस योजना का पहला चरण प्रदेश के सात जिलों—गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी, गोरखपुर और झांसी में शुरू किया गया है। कुल मिलाकर एक लाख श्रमिकों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से पहले चरण में 20 हजार श्रमिकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान मजदूरी की भरपाई
प्रशिक्षण के दौरान श्रमिकों को काम से समय निकालना होगा, जिससे उनकी मजदूरी पर असर पड़ सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। प्रशिक्षण अवधि के दौरान मजदूरी में होने वाले नुकसान की भरपाई डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में की जाएगी।
निटकान लिमिटेड कराएगा प्रशिक्षण
श्रम एवं सेवायोजन विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. एमके शन्मुगा सुंदरम ने बताया कि प्रशिक्षण कार्य निटकान लिमिटेड, जो एक सरकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्र की संस्था है, द्वारा कराया जाएगा। इससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।
प्रमाणपत्र से खुलेंगे देश-विदेश में रोजगार के रास्ते
प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले श्रमिकों को प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा। यह प्रमाणपत्र न केवल देश के भीतर, बल्कि विदेशों में रोजगार पाने में भी सहायक होगा। इससे श्रमिकों की पहचान एक कुशल कर्मकार के रूप में बनेगी और उन्हें बेहतर वेतन तथा सम्मानजनक रोजगार मिल सकेगा।
श्रमिकों के भविष्य को मजबूत करने की कोशिश
यह योजना केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य श्रमिकों को आत्मनिर्भर, कुशल और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। सरकार का मानना है कि कुशल श्रमिक ही प्रदेश के बुनियादी ढांचे और विकास की मजबूत नींव रख सकते हैं।
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