जागृत भारत | डिजिटल : शादियों के सीजन में साइबर ठगों ने ठगी का एक नया और बेहद खतरनाक तरीका अपनाया है। अब ठग मोबाइल पर शादी के कार्ड, किसी सरकारी सूची, किसान योजना या किसी करंट इश्यू के नाम से एपीके (APK) फाइल भेज रहे हैं। एक बार यदि आपने अनजान नंबर से आई इस फाइल पर क्लिक कर लिया, तो आपका मोबाइल हैक हो सकता है और बैंक खाते से मिनटों में रकम साफ हो सकती है। साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है और इससे बचाव के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
शादी का कार्ड बन रहा है साइबर ठगी का जरिया
डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि यदि किसी अनजान नंबर से आपके मोबाइल पर एंड्रॉयड एप्लीकेशन किट (APK) फाइल के रूप में शादी का कार्ड आता है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं। साइबर ठग इस तरह की फाइल भेजकर मोबाइल को हैक कर लेते हैं और फिर एक ही क्लिक में बैंक खाते को खाली कर देते हैं। शादियों के सीजन में लोग ऐसे मैसेज पर बिना सोचे-समझे क्लिक कर लेते हैं, जिसका फायदा ठग उठा रहे हैं।
क्या होती है एपीके फाइल
एपीके फाइल असल में एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलने वाली एक फाइल होती है, लेकिन साइबर ठग इसका इस्तेमाल फर्जी और स्पाइवेयर एप के रूप में कर रहे हैं। इस फाइल के जरिए ठग मोबाइल में मौजूद बैंक डिटेल, ओटीपी, मैसेज और अन्य निजी जानकारियां चुरा लेते हैं। एपीके फाइल में वायरस और मैलवेयर भी छिपा हो सकता है, जो मोबाइल की सुरक्षा को पूरी तरह खत्म कर देता है।
मोबाइल की पूरी जानकारी हो जाती है हैक
जैसे ही कोई व्यक्ति एपीके फाइल डाउनलोड करता है, ठगों को मोबाइल के कैमरे, माइक्रोफोन, जीपीएस, मैसेज, कॉन्टैक्ट लिस्ट और ओटीपी तक की पहुंच मिल जाती है। इसके बाद मोबाइल से जुड़ी हर जानकारी सीधे साइबर अपराधियों तक पहुंचने लगती है। सबसे खतरनाक बात यह है कि पीड़ित को इसकी भनक तक नहीं लगती और मोबाइल स्क्रीन पर इस फर्जी एप का कोई आइकन भी दिखाई नहीं देता।
ऐसे करें खुद को सुरक्षित
साइबर ठगी से बचने के लिए पुलिस ने कुछ अहम सावधानियां अपनाने की सलाह दी है। यदि किसी अनजान नंबर से शादी का कार्ड या कोई भी एपीके फाइल आए, तो उस पर बिल्कुल क्लिक न करें। व्हाट्सएप या ईमेल पर आने वाले अज्ञात लिंक को खोलने से बचें। मोबाइल में किसी भी सॉफ्टवेयर को ऑटो डाउनलोड मोड पर न रखें। फोन में एंटी वायरस, स्पैम डिटेक्टर और एंटी स्पाइवेयर जरूर इंस्टॉल रखें। व्हाट्सएप अकाउंट को हमेशा टू-स्टेप वेरिफिकेशन के साथ सुरक्षित रखें। यदि साइबर ठगी की कोई घटना हो जाए, तो तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दें।
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