Breaking News

निजीकरण के विरोध में आज पूरे प्रदेश के बिजली कर्मचारी सड़क पर, क्या सेवाओं पर पड़ेगा असर?

Published on: November 27, 2025
bijli-karamchari-nijikaran-virodh-pradarshan-uttar-pradesh

जागृत भारत | लखनऊ(Lucknow): यूपी में बिजली के निजीकरण के खिलाफ आज बिजली कर्मचारी बड़े स्तर पर सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे। बुधवार को सभी जिलों में रैली निकालकर कर्मचारियों ने निजीकरण से होने वाले नुकसान के बारे में जनता को जागरूक किया। अब गुरुवार को पूरे देश में बिजली कर्मचारी एकजुट होकर सड़कों पर उतरेंगे।

अमेंडमेंट बिल और श्रम कानूनों का भी विरोध

बिजली कर्मियों का विरोध केवल निजीकरण तक सीमित नहीं है। वे इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025, स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने और श्रम कानूनों में बदलाव के खिलाफ भी प्रदर्शन करेंगे। परिवर्तन चौक पर निकली रैली में बिजली कर्मचारी, किसान व मजदूर बड़ी संख्या में शामिल हुए। रैली में मांग उठाई गई कि निजीकरण प्रस्ताव रद्द किया जाए, अमेंडमेंट बिल वापस लिया जाए और किसानों को एमएसपी की गारंटी दी जाए।

27 नवंबर को देशव्यापी आंदोलन का ऐलान

संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने कहा कि 27 नवंबर को नेशनल कोऑर्डिनेशन कमिटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स के आह्वान पर देशभर में बिजली कर्मचारी और इंजीनियर सड़क पर उतरेंगे। यह आंदोलन निजीकरण नीति के खिलाफ निर्णायक संघर्ष का हिस्सा है।

आर्थिक संकट में फंसी बिजली कंपनियाँ

विद्युत नियामक आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, उपभोक्ताओं का इस वर्ष भी लगभग 18,592 करोड़ रुपये सरप्लस है। फिर भी बिजली कंपनियों की खराब आर्थिक स्थिति के कारण बिजली दरों में कमी संभव नहीं हुई है।

उपभोक्ता परिषद ने दरें घटाने की मांग की

प्रदेश विद्युत उपभोक्ता परिषद के अनुसार, कुल सरप्लस करीब 51,000 करोड़ रुपये होने के कारण बिजली दरों में लगभग 13% कमी की जानी चाहिए।
वहीं, पावर कार्पोरेशन ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 45% और औसत 28% बढ़ोतरी का प्रस्ताव भेजा है, जिसे उपभोक्ता परिषद ने पूरी तरह अनुचित बताया।

नियामक आयोग ने क्या कहा?

आयोग ने अपने आदेश में साफ किया कि बिजली कंपनियों की कमजोर वित्तीय स्थिति को देखते हुए दरों में कटौती संभव नहीं है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि आयोग ने परिषद द्वारा प्रस्तुत 90% आंकड़ों को स्वीकार किया, जबकि पावर कार्पोरेशन द्वारा कंसलटेंट के माध्यम से पेश किए गए आंकड़ों को खारिज कर दिया गया।

देवरिया में सड़क किनारे अवैध दुकानों पर चला बुलडोजर: कॉपरेटिव चौराहा से रामलीला मैदान मार्ग तक कार्रवाई, अतिक्रमण से लग रहा था जाम

Discover more from jagrutbharat.com :: जागृत भारत

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply

error: Content is protected !!