जागृत भारत | लखनऊ(Lucknow) : पहलगाम आतंकी हमले के बाद धर्म और जाति के आधार पर समुदायों को भड़काने तथा राष्ट्रीय अखंडता को प्रभावित करने जैसे गंभीर आरोपों में लोक गायिका नेहा सिंह राठौर के खिलाफ 27 अप्रैल को हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस नोटिस और हाई कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद नेहा अब तक बयान दर्ज कराने के लिए उपस्थित नहीं हुई हैं।
हाई कोर्ट में रिपोर्ट भेजी, गिरफ्तारी टीम गठित
लखनऊ पुलिस ने इस मामले में शासकीय अधिवक्ता के माध्यम से अपनी रिपोर्ट हाई कोर्ट को भेज दी है। साथ ही नेहा की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम का गठन कर दिया गया है, जो लगातार छापेमारी कर रही है। यह मामला 22 अप्रैल 2025 के उस आतंकी हमले से जुड़ा है जिसमें पहलगाम में 26 भारतीयों की मौत हो गई थी। हमले के बाद नेहा ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर कई विवादित पोस्ट किए, जिन पर आपत्ति जताई गई और इन्हीं की आधार पर एफआईआर दर्ज कराई गई।
शिकायतकर्ता की तहरीर और पुलिस जांच में कई अहम खुलासे
कुर्सी रोड स्थित वुडलैंड पैराडाइज निवासी अभय प्रताप सिंह ने नेहा पर लोगों में वैमनस्यता फैलाने, भारत की संप्रभुता और अखंडता पर प्रतिकूल प्रभाव डालने, गलत जानकारी और अफवाहें फैलाने सहित कई आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की जांच प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह कर रहे हैं।
विवेचना के दौरान पुलिस को पता चला कि नेहा द्वारा किए गए विवादित पोस्ट पाकिस्तान में भारत के खिलाफ प्रचार सामग्री के रूप में इस्तेमाल किए जा रहे थे। पुलिस ने सभी डिजिटल साक्ष्य एक पेन ड्राइव में सुरक्षित कर विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजे थे। रिपोर्ट में वीडियो और पोस्ट की पुष्टि हुई और किसी प्रकार की एडिटिंग नहीं पाई गई।
अग्रिम जमानत भी नहीं मिली, बीमारी का हवाला देकर पेशी से बचीं
हजरतगंज पुलिस ने नेहा के अंबेडकरनगर स्थित गांव हीडी पकड़िया में बयान हेतु नोटिस भेजा था। इसी बीच नेहा ने हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की, लेकिन हाई कोर्ट ने उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया और पुलिस के समक्ष पेश होने का आदेश दिया। पुलिस नोटिस और हाई कोर्ट आदेश दोनों के बावजूद नेहा ने बीमारी का हवाला देते हुए अपना बयान नहीं दिया, जिसके बाद अब गिरफ्तारी टीम सक्रिय कर दी गई है।
तीन और शिकायतें भी जोड़ी गईं केस में
नेहा के भड़काऊ पोस्ट को लेकर रानीगंज निवासी सौरव, दुर्विजयगंज निवासी हिमांशु वर्मा, और दुगांवा निवासी अर्जुन गुप्ता ने भी अलग-अलग तहरीरें दी थीं। जांच के दौरान पुलिस ने इन सभी शिकायतों को भी एफआईआर में सम्मिलित कर लिया है। इंस्पेक्टर विक्रम सिंह के अनुसार, पुलिस की टीमें कई स्थानों पर दबिश दे रही हैं और मामले में आगे की कार्रवाई तेजी से जारी है।
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