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हाथरस: जिंदा बुजुर्ग को कागज़ों में मृत घोषित कर दिया, अब पेंशन के लिए दर–दर भटक रहा बुजुर्ग

Published on: November 21, 2025
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जागृत भारत | हाथरस (Hathras): जिले से सरकारी तंत्र की शर्मनाक लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां मुरसान क्षेत्र के रोहई गांव में रहने वाले सुबराती खान नाम के बुजुर्ग को सरकारी रिकॉर्ड में “मृत” घोषित कर दिया गया, जबकि वे पूरी तरह स्वस्थ और जीवित हैं। इस गलती के कारण पिछले आठ महीनों से उनकी पेंशन बंद है और बुजुर्ग अपनी जिंदा होने का प्रमाण देने के लिए लगातार दफ्तरों के चक्कर लगाने पर मजबूर हैं।

पीड़ित सुबराती खान बताते हैं कि वे कई बार अधिकारियों से मिल चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें आश्वासन देकर लौटा दिया जाता है। अधिकारी मामले को दबाने और लापरवाही पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे हैं। बुजुर्ग का कहना है कि जो भी इस बड़ी गलती का जिम्मेदार है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

यह मामला केवल एक व्यक्ति की पेंशन का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की लापरवाही का आईना है। सवाल उठता है कि सरकारी तंत्र में बैठे अधिकारी इतनी बड़ी गलती कैसे कर सकते हैं? किसी जिंदा व्यक्ति को रिकॉर्ड में मृत घोषित कर देना केवल अनदेखी नहीं, बल्कि गंभीर प्रशासनिक चूक है।

चौंकाने वाली बात यह है कि यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी राज्य में कई बार ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जहां जिम्मेदार अधिकारियों ने अपनी गलती से जिंदा लोगों को मृत दिखाकर उन्हें परेशान किया है। इसके बावजूद सिस्टम अपनी पुरानी गलतियों से सबक लेने के बजाय बार-बार वही लापरवाही दोहरा रहा है।

वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और गलती पाए जाने पर संबंधित कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।

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