जागृत भारत | लखनऊ(Lucknow): उत्तर प्रदेश की चर्चित 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण विवाद पिछले काफी समय से अदालत में लंबित है। अब इस मामले की अगली सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट ने 18 नवंबर 2025 की तारीख निर्धारित की है। पहले भी सुनवाई कई बार टल चुकी है, ऐसे में अभ्यर्थियों की उम्मीदें इस नई तारीख पर फिर से टिक गई हैं।
अभ्यर्थियों ने सरकार से ‘याची लाभ’ देने की अपील की
आरक्षण प्रभावित अभ्यर्थियों ने राज्य सरकार से अनुरोध किया है कि मामले का लंबे समय से लंबित समाधान निकालते हुए उन्हें भी ‘याची लाभ’ दिया जाए। उनका कहना है कि चयनित किसी भी उम्मीदवार को निकाले बिना समस्या का हल तभी संभव है जब सभी प्रभावित अभ्यर्थियों को राहत दी जाए।
शासन और विभाग को भेजा मेल, सुनवाई में प्रस्ताव पेश करने की मांग
अभ्यर्थियों ने शासन तथा बेसिक शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को ईमेल भेजकर निवेदन किया है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में 18 नवंबर की सुनवाई के दौरान याची लाभ लागू करने का प्रस्ताव पेश करे। इससे न केवल विवाद का समाधान होगा, बल्कि अभ्यर्थियों की वर्षों से जारी मानसिक चिंता भी खत्म होगी।
पिछड़ा दलित संयुक्त मोर्चा भी आया समर्थन में
पिछड़ा दलित संयुक्त मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कश्यप और प्रदेश संरक्षक भास्कर सिंह ने बताया कि हाल ही में उनका एक प्रतिनिधिमंडल बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह से मिला था। वहां भी उन्होंने अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों को विस्तार से रखा।
राज्य मंत्री ने दिया भरोसा
राज्य मंत्री संदीप सिंह ने आश्वासन दिया कि सरकार मामले को लेकर गंभीर है। उन्होंने कहा कि 18 नवंबर को सरकारी अधिवक्ता सुप्रीम कोर्ट में उपस्थित रहेंगे और सरकार का पक्ष मजबूती से रखा जाएगा। इस आश्वासन ने अभ्यर्थियों में एक बार फिर उम्मीद जगा दी है कि सुनवाई में कोई सकारात्मक निर्णय आ सकता है।
जनजातीय गौरव दिवस: CM योगी ने सोनभद्र को 432 विकास परियोजनाओं की सौगात दी, कहा- कोई भी योजना से वंचित नहीं रहेगा
➤ You May Also Like


























































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































1 thought on “उत्तर प्रदेश 69000 शिक्षक भर्ती: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की नई तारीख तय, अभ्यर्थियों ने सरकार से ‘याची लाभ’ की मांग तेज की”