जागृत भारत | बाराबंकी, उत्तर प्रदेश — जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी के निर्देश और मुख्य चिकित्सा अधिकारी अवधेश यादव के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग ने अप्रैल से नवंबर तक बड़े पैमाने पर अभियान चलाते हुए 71 अवैध अस्पताल, पैथोलॉजी और डायग्नोस्टिक सेंटर सील कर दिए। लगातार हुई छापेमारी में स्वास्थ्य सेवाओं में भारी अनियमितताएं उजागर हुईं।
अभियान के दौरान बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे अस्पताल, बिना विशेषज्ञ डॉक्टरों की मौजूदगी में इलाज, एक्सपायर या अवैध दवाओं का उपयोग, तथा बिना प्रशिक्षित टेक्नीशियन के लैब संचालन जैसी गंभीर खामियां सामने आईं।
सील की गई प्रमुख संस्थाएं
अभियान में जिन संस्थानों पर कार्रवाई की गई, उनमें शामिल हैं:
अजय कुमार वर्मा, नैना पॉलीक्लीनिक, तिरुपति हॉस्पिटल, सिटी नर्सिंग होम, मोनिस पैथोलॉजी, हिन्द डायग्नोस्टिक सेंटर, जन्नत हॉस्पिटल, एकता हॉस्पिटल, आरके पॉलीक्लीनिक, अपेक्स डायग्नोस्टिक सेंटर और नेशनल हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर।
जिला प्रशासन की टीम ने देवा, हैदरगढ़, दरियाबाद, त्रिवेदीगंज, जैदपुर और फतेहपुर बेलहरा सहित कई क्षेत्रों में जांच की कार्रवाई को अंजाम दिया।
DM का सख्त संदेश
जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने स्पष्ट कहा कि “मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवैध अस्पतालों और फर्जी लैब्स के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।”
इस सख्त कार्रवाई से अवैध रूप से चल रहे चिकित्सा संस्थानों में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं आम जनता ने जिला प्रशासन के इस कदम की सराहना की है।
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