जागृत भारत | लार(Lar): जनपद देवरिया के लार थाना क्षेत्र के खेमादेई गांव में रविवार दोपहर पराली जलाने से बड़ा हादसा हो गया। कुछ ही मिनटों में 12 बीघा में खड़ी धान की फसल जलकर राख हो गई। ग्रामीणों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
पराली से उठी चिंगारी बनी बड़ी मुसीबत
गांव के लोगों के अनुसार, गांव के ही एक व्यक्ति ने अपने खेत में पराली जलाई थी। इसी दौरान अचानक तेज हवा चलने लगी और पराली से उठी चिंगारी उड़कर पास के खेतों में जा गिरी। कुछ ही देर में आग इतनी तेजी से फैली कि चारों ओर धुएं का गुबार छा गया।
देखते ही देखते 12 बीघा फसल बनी राख
हवा के झोंकों से आग ने आसपास के खेतों को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही मिनटों में राजगुरु सिंह, संजीव सिंह, पप्पू सिंह और जगत गुप्ता के खेतों में लगी पकी हुई धान की फसल पूरी तरह से जल गई। किसानों के महीनों की मेहनत पलभर में राख में बदल गई।
ग्रामीणों ने मिलकर बुझाई आग
घटना की सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीण बाल्टी, मोटर और पाइप की मदद से पानी डालकर आग बुझाने में जुट गए। करीब एक घंटे की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि तब तक लाखों रुपये की फसल जलकर राख हो चुकी थी।
प्रशासन से मुआवजे की मांग
घटना की जानकारी ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन को दी। पीड़ित किसानों ने सरकार से उचित मुआवजे की मांग की है ताकि उनकी फसल का कुछ नुकसान भरपाई हो सके।
कंचनपुर-गोरयाघाट मार्ग | कुत्ते को बचाने में बड़ा हादसा: अनियंत्रित कार गड्ढे में पलटी, चालक गंभीर रूप से घायल
➤ You May Also Like


























































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































1 thought on “लार, देवरिया | पराली से लगी भीषण आग में 12 बीघा धान की फसल राख, किसानों की मेहनत पर फिरा पानी”