जागृत भारत | दिल्ली(Delhi): देश की राजधानी दिल्ली सोमवार शाम एक जोरदार विस्फोट से दहल उठी। यह धमाका लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास एक भीड़भरे इलाके में खड़ी कार में हुआ। प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, 10 लोगों की मौत और 24 से अधिक लोग घायल हुए हैं। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास खड़ी कई गाड़ियाँ जल गईं और चार किलोमीटर दूर तक आवाज सुनी गई।
फिलहाल एनएसजी, एनआईए और एफएसएल की टीमें मौके पर जांच में जुटी हैं।
फॉरेंसिक जांच में मिले तकनीकी संकेत
शुरुआती जांच के मुताबिक, यह विस्फोट किसी सामान्य विस्फोटक से नहीं किया गया था। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने पाया कि धमाके में अत्याधुनिक तकनीक और उच्च गुणवत्ता वाले विस्फोटक पदार्थ का उपयोग हुआ। यह विस्फोटक कम मात्रा में भी बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाने में सक्षम है। डिवाइस की बनावट और टाइमिंग से संकेत मिलते हैं कि इसे रिमोट या सेंसर-आधारित ट्रिगर के माध्यम से सक्रिय किया गया था।
वैज्ञानिक तरीके से जुटाए जा रहे साक्ष्य
एनआईए और एफएसएल की टीमों ने घटनास्थल से हर साक्ष्य को वैज्ञानिक क्रम में एकत्र किया है।
मोबाइल टावर डेटा,
रेडियो फ्रीक्वेंसी सिग्नल,
और ड्रोन गतिविधि के संकेत भी जांच के दायरे में हैं।
धातु के टुकड़ों और विस्फोटक के अवशेषों की रासायनिक और माइक्रो जांच की जा रही है। सरकार ने अन्य महानगरों को भी हाई अलर्ट पर रखा है।
लाल किले के पास धमाका क्यों महत्वपूर्ण
लाल किला केवल ऐतिहासिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की संप्रभुता का प्रतीक है। ऐसे संवेदनशील स्थान के निकट धमाका होना बताता है कि हमलावरों का उद्देश्य केवल नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि जनता में भय और असुरक्षा का वातावरण बनाना था। यह हमला भारत की शहरी सुरक्षा प्रणाली और तकनीकी तैयारी पर गंभीर सवाल उठाता है।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “तह तक जाएगी जांच”
गृह मंत्री अमित शाह देर रात घटनास्थल पहुंचे और अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा “शीर्ष एजेंसियां पूरी गहनता से जांच कर रही हैं। जब तक फॉरेंसिक रिपोर्ट नहीं आती, किसी भी पहलू को खारिज नहीं किया जा सकता।” शाह ने एलएनजेपी अस्पताल जाकर घायलों का हाल भी लिया और सुरक्षा एजेंसियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। उन्होंने मृतकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि जांच के हर पहलू को पूरी पारदर्शिता से आगे बढ़ाया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने ली जानकारी, जताई संवेदना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गृह मंत्री से घटना की जानकारी ली और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को प्रशासन द्वारा हर संभव सहायता दी जा रही है और घायलों का उपचार सुनिश्चित किया गया है।
किसी ने नहीं ली जिम्मेदारी
फिलहाल किसी भी आतंकी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। पुलिस टीमों ने सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल डंप डेटा जुटाना शुरू कर दिया है ताकि कार की रूट हिस्ट्री और संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों का पता लगाया जा सके।
देशभर में हाई अलर्ट, सुरक्षा कड़ी
धमाके के बाद दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मुंबई, बिहार और उत्तराखंड में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। सीआईएसएफ ने दिल्ली मेट्रो, लाल किला, एयरपोर्ट और सरकारी इमारतों पर सुरक्षा बढ़ा दी है। हर संवेदनशील स्थान पर अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया है। यात्रियों की तलाशी और सुरक्षा जांच में भी वृद्धि की गई है।
संदिग्ध कार और पुलवामा कनेक्शन
जिस कार (एचआर-26-सीई-7674) में विस्फोट हुआ, वह कई बार हाथ बदल चुकी थी। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह कार गुरुग्राम निवासी सलमान के नाम पर थी, जिसने इसे आगे ओखला निवासी देवेंद्र को बेचा। देवेंद्र ने कार अंबाला में किसी तीसरे व्यक्ति को बेच दी, जिसने इसे पुलवामा निवासी तारिक को दे दी थी। याद दिला दें, 2019 के पुलवामा हमले में भी इसी तरह का वाहन धमाका हुआ था जिसमें 40 जवान शहीद हुए थे।
फॉरेंसिक जांच और तकनीकी विश्लेषण से साफ संकेत मिल रहे हैं कि दिल्ली धमाका एक सुनियोजित और उच्च तकनीकी हमला था। हालांकि अभी तक किसी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन जांच एजेंसियां पूरी तत्परता से हर कोण से जांच में जुटी हैं। यह घटना न केवल दिल्ली बल्कि पूरे देश की सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक चेतावनी और नई चुनौती बनकर सामने आई है।
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1 thought on “दिल्ली धमाके की फॉरेंसिक जांच के शुरुआती निष्कर्ष: तकनीकी और योजनाबद्ध था हमला, इसलिए कहा जा रहा है ‘अत्याधुनिक धमाका’”