जागृत भारत | देवरिया(Deoria): महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में मिले महाराष्ट्र के उद्योगपति अशोक गवाड़े की मौत का रहस्य एक महीने बाद भी अनसुलझा है। पुलिस की जांच अब तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची है। वहीं, मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं और कोतवाली जाकर पूछताछ में सहयोग करने से इनकार कर दिया है।
पानी की टंकी से मिला था शव
6 अक्टूबर 2025 को मेडिकल कॉलेज के ओपीडी भवन की पांचवीं मंजिल पर बनी पानी की टंकी में एक व्यक्ति का शव तैरता हुआ मिला था। जांच में मृतक की पहचान अशोक गवाड़े, निवासी ठाणे (महाराष्ट्र) के रूप में हुई, जो एक केमिकल फैक्ट्री के मालिक थे और कुछ काम से देवरिया आए थे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत को संदिग्ध बताया गया, जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया। लेकिन एक माह बीतने के बाद भी पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लगा है।
कर्मचारियों ने लगाया पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप
पुलिस द्वारा बार-बार बुलाए जाने से नाराज मेडिकल कॉलेज कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि उनसे घंटों तक अनावश्यक पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस कॉलेज परिसर में आकर सवाल पूछे, लेकिन “धमकाने का रवैया” स्वीकार नहीं किया जाएगा।
गुरुवार और शुक्रवार को कुछ कर्मचारियों ने कोतवाली बुलावे पर जाने से इनकार कर दिया।
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प्राचार्य ने जताई नाराजगी, कोतवाल ने दी सफाई
शनिवार को कोतवाल विनोद कुमार सिंह ने खुद मेडिकल कॉलेज पहुंचकर प्राचार्य से मुलाकात की। प्राचार्य ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई और जांच को संवेदनशील व पारदर्शी तरीके से करने की मांग की।
कोतवाल ने कहा कि किसी को प्रताड़ित नहीं किया गया है। “पुलिस के पास पूछताछ से जुड़े सभी साक्ष्य मौजूद हैं,”
पुलिस बोली—कर्मचारी जांच में बाधा डाल रहे
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, कुछ कर्मचारी जानबूझकर जांच में बाधा डाल रहे हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि “अगर कोई जांच में सहयोग नहीं करेगा, तो उसे धारा 120-बी (षड्यंत्र रचना) के तहत आरोपी बनाया जा सकता है।”
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मानवाधिकार आयोग में जाने की तैयारी
कर्मचारी संगठन ने कहा कि वे जांच में सहयोग करने को तैयार हैं, लेकिन अपमानजनक व्यवहार बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर पुलिसिया रवैया नहीं बदला, तो वे मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराएंगे।
पुलिस का अगला कदम
कोतवाल ने कहा कि अगर कर्मचारी सहयोग नहीं करेंगे, तो पुलिस न्यायालय से अनुमति लेकर पूछताछ करेगी। फिलहाल, पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) के आधार पर नई दिशा में जांच कर रही है।
एक महीने बाद भी रहस्य बरकरार
अशोक गवाड़े की मौत की गुत्थी अब तक सुलझ नहीं पाई है। सवाल यह है कि महाराष्ट्र का उद्योगपति देवरिया के मेडिकल कॉलेज की पानी की टंकी में कैसे पहुंचा?
क्या यह दुर्घटना, आत्महत्या या सुनियोजित हत्या थी?
फिलहाल पुलिस और प्रशासन दोनों के सामने यह मामला अब भी एक रहस्य बना हुआ है।
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