● यूपी में ‘दीए’ पर राजनीतिक विवाद
- ● विवादित बयान: सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा था कि दीयों और मोमबत्तियों पर खर्च क्यों करना, उनकी सरकार आने पर शहरों को सुंदर रोशनी से जगमगाया जाएगा।
- ● भाजपा का हमला: भाजपा ने इस बयान को तुरंत **’हिंदू आस्था पर हमला’** और **’स्वदेशी भावना/कुम्हार समाज के रोजगार पर प्रहार’** बताकर अखिलेश को घेरा।
- ● बड़े आरोप: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह चौधरी ने इसे **सनातन विरोधी मानसिकता** बताया, जबकि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि इससे **प्रजापति समाज** की भावनाएं आहत हुई हैं।
- ● अखिलेश का यू-टर्न: हमलों के बाद अखिलेश यादव ने बयान बदलते हुए कहा कि 2027 में उनकी सरकार बनने पर वह **प्रजापति समाज से करोड़ों रुपये के दीपक** खरीदेंगे।
अखिलेश यादव के बयान से भड़का विवाद
दीपावली की रौनक के बीच, समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव के एक बयान ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में सियासी लौ भड़का दी है। शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने कहा था कि पूरी दुनिया में क्रिसमस के दौरान शहर महीनों तक जगमगाते हैं, और हमें उनसे सीखना चाहिए। उन्होंने सवाल किया, “हमें दीयों और मोमबत्ती पर क्यों खर्च करना? इसे हटा देना चाहिए। हमारी सरकार आएगी तो बहुत सुंदर रोशनी कराएंगे।”
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भाजपा ने बताया ‘सनातन विरोधी मानसिकता’
• अखिलेश के इस बयान पर रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तुरंत मोर्चा खोल दिया और इसे हिंदू आस्था पर सीधा हमला बताया।
• भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह चौधरी ने कहा कि अखिलेश की सनातन विरोधी मानसिकता एक बार फिर सामने आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो व्यक्ति दीपावली के दीयों को पैसों की बर्बादी कहे, वह हिंदू संस्कृति की आत्मा को नहीं समझ सकता।
• उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश पर निशाना साधते हुए कहा कि दीपदान भारतीय संस्कृति की आत्मा है। उन्होंने कहा कि अखिलेश के बयान से न केवल हिंदू भावनाएं आहत हुई हैं, बल्कि मिट्टी के दीये बनाने वाले प्रजापति समाज के रोजगार पर भी चोट पहुंची है।
• भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने इस बयान को भारतीय संस्कृति, स्वदेशी और सनातन परंपरा के प्रति अवमानना करार दिया। उन्होंने कहा कि अखिलेश चंद कट्टरपंथियों के वोट पाने के लिए गौरवशाली परंपरा को नीचा दिखा रहे हैं।
कुम्हार समाज के रोजगार पर खतरा
• भाजपा के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने अखिलेश के बयान को उनके ‘असली चेहरे’ के रूप में उजागर किया। उन्होंने कहा कि अखिलेश की ‘बिजली की रोशनी’ से आत्मनिर्भर भारत अभियान को नुकसान होगा, क्योंकि इसमें चाइनीज एलईडी का इस्तेमाल होगा।
• मालवीय ने जोर देकर कहा कि सबसे बड़ा नुकसान कुम्हार समाज का होगा, जो मिट्टी के दीये बनाकर अपना गुजारा करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा मुखिया ने इस समाज के पेट पर लात मारी है।
सपा अध्यक्ष ने लिया यू-टर्न
भाजपा के चौतरफा हमलों को देखते हुए, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को अपने रुख में बदलाव किया। उन्होंने कहा कि 2027 की दीपावली में जब उनकी पीडीए की सरकार बनेगी, तब वह प्रजापति समाज से करोड़ों रुपये के दीपक खरीदेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार दूर के तटीय राज्यों के लोगों को दीये बनाने के ठेके देकर प्रदेश के प्रजापति समाज का हक मार रही है, और दीपोत्सव के ठेकों में प्रदेश के लोगों की उपेक्षा करके ‘दीया तले अंधेरा’ करने का पाप न करे।
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