पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले महागठबंधन (महागठबंधन) में सीट बंटवारे को लेकर तनातनी बढ़ गई है। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव के बीच अब तक सहमति नहीं बन पाई है। ऐसे में अब चर्चा है कि सीटों के अंतिम बंटवारे में लालू प्रसाद यादव खुद हस्तक्षेप कर सकते हैं।
कांग्रेस और RJD में खींचतान
कांग्रेस चाहती है कि उसे पिछली बार से ज्यादा सीटें दी जाएँ, जबकि RJD अपने मजबूत संगठन और जनाधार का हवाला देकर अधिक सीटें रखने के पक्ष में है।
कांग्रेस का तर्क है कि महागठबंधन की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान में उसका योगदान अहम है।
वहीं RJD मानती है कि बिहार की राजनीति में उसका जनाधार कहीं ज्यादा है, इसलिए सीटों का बड़ा हिस्सा उसी को मिलना चाहिए।
राहुल गांधी और तेजस्वी की बैठक बेनतीजा
हाल ही में दिल्ली और पटना में हुई बैठकों में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने कई दौर की बातचीत की, लेकिन सीटों की संख्या को लेकर सहमति नहीं बन सकी। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस 90 से अधिक सीटों की मांग कर रही है, जबकि RJD 60 से ज्यादा सीटें देने के पक्ष में नहीं है।
लालू यादव का दखल
इस गतिरोध के बीच अब खबर है कि RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव खुद मोर्चा संभाल सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लालू यादव की सक्रियता से न सिर्फ दोनों दलों के बीच मध्यस्थता होगी बल्कि गठबंधन की एकजुटता भी बनी रह सकती है।
विपक्षी एकता पर असर
महागठबंधन की एकजुटता आगामी चुनाव में बीजेपी और एनडीए के खिलाफ मजबूत चुनौती देने के लिए बेहद जरूरी मानी जा रही है। अगर सीट बंटवारे का मसला जल्द हल नहीं हुआ तो इसका सीधा असर विपक्षी गठबंधन की रणनीति और कार्यकर्ताओं के मनोबल पर पड़ सकता है।
राजनीतिक समीकरण
विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार में महागठबंधन को भाजपा के मुकाबले टक्कर देने के लिए कांग्रेस और RJD का तालमेल बहुत अहम है। अगर मतभेद लंबा खिंचता है तो विपक्षी वोटों का बंटवारा हो सकता है, जिसका फायदा सत्तारूढ़ दल को मिलेगा।
➤ You May Also Like


























































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































1 thought on “महागठबंधन में सीट बंटवारे पर अटका पेंच: राहुल गांधी और तेजस्वी में मतभेद, अब लालू यादव करेंगे फैसला”