Breaking News

यूपी में 2.91 करोड़ मतदाताओं के नाम कटने की आशंका— SIR (विशेष पुनरीक्षण) में बड़ा खुलासा

Published on: December 11, 2025
up-sir-voter-list-revision-2-91-crore-names-may-be-deleted

जागृत भारत | लखनऊ(Lucknow): उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के रिकॉर्ड संदिग्ध मिले हैं। प्रदेश में वर्तमान में दर्ज 15.44 करोड़ मतदाताओं में से 2.91 करोड़ नाम हटाए जाने की संभावना जताई गई है। यह आंकड़ा कुल मतदाताओं का लगभग 18.84% है, जिसमें मृत, दूसरे स्थान पर जा चुके, अनुपस्थित और डुप्लीकेट प्रविष्टियां शामिल हैं। यह स्थिति न केवल सूची के परिशोधन की आवश्यकता को दर्शाती है, बल्कि मतदाता डेटा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।


बड़ी संख्या में संदिग्ध प्रविष्टियां मिलने पर मांगा अतिरिक्त समय

मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने भारत निर्वाचन आयोग से 14 दिन का अतिरिक्त समय मांगा है ताकि बड़ी संख्या में मिले इन नामों का सही तरीके से सत्यापन किया जा सके। इस अवधि में बूथ लेवल अधिकारी (BLO) राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA) से सहयोग लेकर गहन जांच करेंगे और सूची साझा करेंगे ताकि प्रक्रिया पारदर्शी रहे।


डिजिटाइजेशन का काम लगभग पूरा

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, बुधवार तक 99.14% (15.30 करोड़) मतदाताओं का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका था। गुरुवार तक इसके शत-प्रतिशत पूरा होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि 2003 की मतदाता सूची से अब तक 76% रिकॉर्ड मिल चुके हैं, जबकि शेष रिकॉर्ड का मिलान तेजी से जारी है।


बीएलए और सार्वजनिक पोर्टलों पर साझा होगी सूची

जिन मतदाताओं के नाम अनुपस्थित, मृत, स्थानांतरण या डुप्लीकेट प्रविष्टियों में मिले हैं, उनकी जानकारी राजनीतिक दलों के बीएलए के साथ साझा की जाएगी।
साथ ही, इन सूचियों को सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों की वेबसाइटों पर भी प्रकाशित किया जाएगा ताकि किसी भी स्तर पर संदेह या अस्पष्टता न रहे।


अतिरिक्त समय का उपयोग कर होगा बूथवार सत्यापन

अगर 14 दिनों का अतिरिक्त समय स्वीकृत होता है, तो इसे बूथवार सत्यापन को मजबूत करने में लगाया जाएगा।

  • जीवित और वैध मतदाताओं के नाम गणना प्रपत्र भरवाकर सूची में बरकरार रखे जाएंगे।

  • वहीं, मृत, अनुपस्थित, डुप्लीकेट या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।


विभिन्न श्रेणियों में मिले मतदाता

श्रेणीसंख्या
स्थानांतरित1.27 करोड़
अनुपस्थित84.73 लाख
मृत46 लाख
डुप्लीकेट23.70 लाख
फार्म न जमा करने वाले9.57 लाख

ड्राफ्ट सूची अब 30 दिसंबर को

अतिरिक्त समय स्वीकृत होने पर, ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन 16 दिसंबर की जगह 30 दिसंबर को होगा। इसके बाद दावे और आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी। जिन मतदाताओं का रिकॉर्ड 2003 की सूची में नहीं है, उन्हें ERO द्वारा नोटिस भेजकर 12 मान्य प्रमाण पत्रों में से एक प्रस्तुत करने का निर्देश दिया जाएगा।


जिनका नाम नहीं आया, वे भर सकते हैं फार्म–6

  • जिन लोगों का नाम 2025 की मतदाता सूची में नहीं है

  • या जिनके पास गणना प्रपत्र नहीं आया

  • या जो समय पर भर नहीं पाए

वे फॉर्म-6 भरकर मतदाता बन सकते हैं। इसके लिए उन्हें एक शपथ पत्र देना होगा जिसमें 2003 के रिकॉर्ड का उल्लेख आवश्यक होगा। साथ ही, 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवा भी फार्म–6 भरकर मतदाता बन सकते हैं।

देवरिया : यूपी बोर्ड परीक्षा, केंद्रों को लेकर आई आपत्तियों की जांच पूरी, जिलास्तरीय समिति के समक्ष जाएगी रिपोर्ट, जल्द जारी होगी अंतिम सूची

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Read Also

gorakhpur-daroga-pistol-viral-video-karimnagar-chowk-traffic-jam-investigation

गोरखपुर जाम में ट्रक चालकों से विवाद के बीच दारोगा ने निकाली पिस्टल, वायरल वीडियो पर विभागीय जांच शुरू

up-district-panchayat-building-map-approval-master-plan-yogi-government

UP के जिला पंचायतों में भवनों के मानचित्र पास करने की अब दूर होंगी दिक्कतें, योगी सरकार ने बनाया खास ‘मास्टर प्लान’

up-missing-persons-high-court-suo-motu-108300-missing-hearing-today

UP Missing Crisis: दो साल में 1.08 लाख लोग लापता, सिर्फ 9700 का ही सुराग; हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर मांगा जवाब, आज अहम सुनवाई

up-madarsa-foreign-funding-investigation-lucknow-111-madarsa-yogi-order

विदेशी फंडिंग के शक पर सख्त एक्शन, सीएम योगी के आदेश पर प्रदेशभर के मदरसों की जांच; लखनऊ के 111 भी रडार पर

up-ots-2026-property-dues-relief-yogi-adityanath-plan

UP OTS-2026: लंबित संपत्ति भुगतान पर बड़ी राहत की तैयारी, सीएम योगी बोले– डिफॉल्टरों के लिए लागू होगी नई ओटीएस योजना

gorakhpur-priya-shetty-murder-body-identified-by-sister

गोरखपुर हत्याकांड: चेहरे के तिल और जले के निशान से हुई प्रिया की पहचान, सिर कूचकर की गई थी निर्मम हत्या

Leave a Reply