जागृत भारत | लखनऊ(Lucknow): उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के रिकॉर्ड संदिग्ध मिले हैं। प्रदेश में वर्तमान में दर्ज 15.44 करोड़ मतदाताओं में से 2.91 करोड़ नाम हटाए जाने की संभावना जताई गई है। यह आंकड़ा कुल मतदाताओं का लगभग 18.84% है, जिसमें मृत, दूसरे स्थान पर जा चुके, अनुपस्थित और डुप्लीकेट प्रविष्टियां शामिल हैं। यह स्थिति न केवल सूची के परिशोधन की आवश्यकता को दर्शाती है, बल्कि मतदाता डेटा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।
बड़ी संख्या में संदिग्ध प्रविष्टियां मिलने पर मांगा अतिरिक्त समय
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने भारत निर्वाचन आयोग से 14 दिन का अतिरिक्त समय मांगा है ताकि बड़ी संख्या में मिले इन नामों का सही तरीके से सत्यापन किया जा सके। इस अवधि में बूथ लेवल अधिकारी (BLO) राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA) से सहयोग लेकर गहन जांच करेंगे और सूची साझा करेंगे ताकि प्रक्रिया पारदर्शी रहे।
डिजिटाइजेशन का काम लगभग पूरा
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, बुधवार तक 99.14% (15.30 करोड़) मतदाताओं का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका था। गुरुवार तक इसके शत-प्रतिशत पूरा होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि 2003 की मतदाता सूची से अब तक 76% रिकॉर्ड मिल चुके हैं, जबकि शेष रिकॉर्ड का मिलान तेजी से जारी है।
बीएलए और सार्वजनिक पोर्टलों पर साझा होगी सूची
जिन मतदाताओं के नाम अनुपस्थित, मृत, स्थानांतरण या डुप्लीकेट प्रविष्टियों में मिले हैं, उनकी जानकारी राजनीतिक दलों के बीएलए के साथ साझा की जाएगी।
साथ ही, इन सूचियों को सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों की वेबसाइटों पर भी प्रकाशित किया जाएगा ताकि किसी भी स्तर पर संदेह या अस्पष्टता न रहे।
अतिरिक्त समय का उपयोग कर होगा बूथवार सत्यापन
अगर 14 दिनों का अतिरिक्त समय स्वीकृत होता है, तो इसे बूथवार सत्यापन को मजबूत करने में लगाया जाएगा।
जीवित और वैध मतदाताओं के नाम गणना प्रपत्र भरवाकर सूची में बरकरार रखे जाएंगे।
वहीं, मृत, अनुपस्थित, डुप्लीकेट या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
विभिन्न श्रेणियों में मिले मतदाता
| श्रेणी | संख्या |
|---|---|
| स्थानांतरित | 1.27 करोड़ |
| अनुपस्थित | 84.73 लाख |
| मृत | 46 लाख |
| डुप्लीकेट | 23.70 लाख |
| फार्म न जमा करने वाले | 9.57 लाख |
ड्राफ्ट सूची अब 30 दिसंबर को
अतिरिक्त समय स्वीकृत होने पर, ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन 16 दिसंबर की जगह 30 दिसंबर को होगा। इसके बाद दावे और आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी। जिन मतदाताओं का रिकॉर्ड 2003 की सूची में नहीं है, उन्हें ERO द्वारा नोटिस भेजकर 12 मान्य प्रमाण पत्रों में से एक प्रस्तुत करने का निर्देश दिया जाएगा।
जिनका नाम नहीं आया, वे भर सकते हैं फार्म–6
जिन लोगों का नाम 2025 की मतदाता सूची में नहीं है
या जिनके पास गणना प्रपत्र नहीं आया
या जो समय पर भर नहीं पाए
वे फॉर्म-6 भरकर मतदाता बन सकते हैं। इसके लिए उन्हें एक शपथ पत्र देना होगा जिसमें 2003 के रिकॉर्ड का उल्लेख आवश्यक होगा। साथ ही, 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवा भी फार्म–6 भरकर मतदाता बन सकते हैं।
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