जागृत भारत | लखनऊ(Lucknow): उत्तर प्रदेश सरकार ने बांग्लादेशी समेत अन्य देशों से होने वाली अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर ऐसा बहुस्तरीय सुरक्षा मॉडल तैयार किया गया है, जो न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए उदाहरण बन सकता है। इस रणनीति में हाइटेक तकनीक, डिटेंशन सेंटर और बायोमेट्रिक निगरानी जैसे सख्त उपाय शामिल हैं, जिससे घुसपैठियों की पहचान, रोकथाम और निगरानी सुनिश्चित की जा सके।
तकनीक से होगी पहचान, छुपकर रहने की हर कोशिश नाकाम
सरकार की योजना है कि अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान आधुनिक तकनीक के जरिए की जाए।
फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम
बायोमेट्रिक सत्यापन
फर्जी दस्तावेज स्कैनिंग सिस्टम
इनकी मदद से यह पता लगाया जाएगा कि कोई व्यक्ति कब और कैसे प्रदेश में दाखिल हुआ और उसकी पहचान छुपाने की कोशिश किस तरह की थी।
डिटेंशन सेंटर में मजबूत सुरक्षा, निगरानी रहेगी चाकचौबंद
सूत्रों के अनुसार, जिन घुसपैठियों को पकड़ा जाएगा, उन्हें विशेष डिटेंशन सेंटर्स में रखा जाएगा। इन सेंटर्स को इस तरह डिज़ाइन किया जा रहा है कि किसी भी तरह की सुरक्षा चूक संभव न हो। सरकार का कहना है कि यहां से “परिंदा भी पर न मार सके”, ऐसी कड़ी निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।
बायोमेट्रिक प्रोफाइल बनेगी, नाम होंगे “निगेटिव लिस्ट” में
डिटेंशन सेंटर में रखे हर व्यक्ति की—
फिंगर प्रिंट
फेशियल डेटा
पूरी बायोमेट्रिक प्रोफाइल
तैयार की जाएगी। इसके बाद इनके नाम नेगेटिव लिस्ट में दर्ज कर देशभर में शेयर किए जाएंगे।
इससे—
✔ ये दोबारा आधार या किसी भी सरकारी पहचान प्रणाली में पंजीकरण नहीं करा पाएंगे
✔ देश की सीमा में वापस घुसना असंभव जैसा हो जाएगा
फर्जी दस्तावेज बनाने वालों पर भी बड़ी कार्रवाई
सरकार फर्जी दस्तावेज तैयार करवाने वाले पूरे नेक्सस का भंडाफोड़ करने के भी प्रयास कर रही है।
हाईटेक जांच से—
फर्जी पहचान पत्र
अन्य सरकारी दस्तावेज
उनके स्रोत व सामिल लोगों की पहचान
की जाएगी, ताकि उन्हें कठोर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़े और भविष्य में यह नेटवर्क दोबारा विकसित न हो पाए।
राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम
यह योजना प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को और सक्षम बनाने के साथ भारत की आंतरिक सुरक्षा को भी मजबूत करेगी। योगी सरकार का उद्देश्य है कि अवैध घुसपैठ पूरी तरह समाप्त हो और इस दिशा में हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
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