जागृत भारत | लखनऊ(Lucknow): लोकप्रिय लोक गायिका नेहा सिंह राठौर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी के मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ से एक बार फिर निराशा हाथ लगी है। न्यायमूर्ति बृज राज सिंह की एकल पीठ ने शुक्रवार को उनकी अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी, यह कहते हुए कि—
“उनके खिलाफ लगे आरोप प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध को दर्शाते हैं, जिसकी पुलिस जांच जरूरी है।”
क्या है मामला?
अप्रैल 2025 में लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में नेहा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। उन पर आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पहलगाम आतंकी हमले के बाद पोस्ट किया कि—
प्रधानमंत्री मोदी बिहार इसलिए पहुंचे ताकि पाकिस्तान को धमका सकें
राष्ट्रवाद के नाम पर वोटबटोरी की राजनीति की जा रही है
सरकार आतंकियों को ढूंढने या गलती मानने के बजाय देश को युद्ध की ओर धकेल रही है
सरकारी पक्ष का कहना है कि यह टिप्पणी पहलगाम हमले के तुरंत बाद की गई, जिसके कारण आरोप गंभीर रूप से संवेदनशील हैं।
पहले भी लग चुका है कानूनी झटका
यह पहला मौका नहीं है जब नेहा को कोर्ट की तरफ से राहत नहीं मिली।
19 सितंबर 2025 को हाईकोर्ट की खंडपीठ ने उनकी एफआईआर रद्द करने की याचिका खारिज कर दी थी।
इसके साथ ही नेहा को 26 सितंबर को जांच अधिकारी के सामने पेश होने और पुलिस रिपोर्ट दाखिल होने तक जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया गया था।
तब भी अदालत ने माना था कि उनका बयान “कानूनन उचित जांच का विषय” है।
सरकारी वकील का पक्ष
राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता डॉ. वी. के. सिंह ने अदालत को बताया कि—
नेहा की टिप्पणी से सार्वजनिक शांति व राष्ट्रीय सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है
भारतीय दंड संहिता की विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज है
जांच के दौरान उनकी संभावित गिरफ्तारी से इनकार नहीं किया जा सकता
क्यों खारिज हुई अग्रिम जमानत?
अदालत के अनुसार—
ट्विटर पोस्ट का समय बेहद अहम और उद्देश्य की पड़ताल आवश्यक
आरोप संज्ञेय व जांच-योग्य
अग्रिम जमानत देने से पुलिस जांच पर असर पड़ सकता है
स्पष्ट शब्दों में कहा गया:
“यह अग्रिम जमानत का मामला नहीं बनता है, hence application rejected.”
कौन हैं नेहा सिंह राठौर?
सोशल मीडिया पर चर्चित
राजनीतिक व्यंग्य गीत “UP Mein Ka Ba?” से मशहूर
राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर खुलकर टिप्पणी के लिए जानी जाती हैं
पहले भी कई विवादों में घिर चुकी हैं
आगे क्या?
अब नेहा को कोर्ट के निर्देशानुसार—
जांच में शामिल होना होगा
केस की प्रक्रिया का सामना करना होगा
भविष्य में वे नियमित जमानत की अर्जी लगा सकती हैं
अदालत के इस आदेश के बाद यह स्पष्ट है कि मामले में कानूनी लड़ाई अभी लंबी चलने वाली है।
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