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एनडीए में सीट बंटवारे पर मनमुटाव: जीतन राम मांझी और चिराग पासवान के संकेतों से सियासी गर्मी बढ़ी

Published on: October 9, 2025
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बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के भीतर सीट बंटवारे को लेकर हलचल तेज हो गई है। इसी बीच, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी तथा लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर अपने संदेशों के ज़रिए बीजेपी को परोक्ष रूप से चेतावनी दे दी है।

जीतन राम मांझी ने रामधारी सिंह दिनकर की प्रसिद्ध रचना रश्मिरथी से पंक्तियां साझा करते हुए बीजेपी पर संकेतों में प्रहार किया। उन्होंने लिखा—

“यदि न्याय आधा मिले तो आधा ही दीजिए, और यदि वह भी कठिन हो तो पंद्रह गांव दीजिए, बाकी भूमि आपके पास रहे। हम अपने हिस्से में खुश रहेंगे और अपने ही लोगों से युद्ध नहीं करेंगे।”

इस शेर के माध्यम से मांझी ने महाभारत के संदर्भ में बीजेपी को दुर्योधन की तरह बताते हुए संकेत दिया कि उनकी पार्टी को सम्मानजनक सीटें नहीं दी जा रहीं।

एनडीए में इस समय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जदयू, चिराग पासवान की लोजपा (राम विलास), मांझी की हम (से) और उपेन्द्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा शामिल हैं।

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मांझी लगातार कहते आ रहे हैं कि इस बार वे अपनी पार्टी को “पहचान दिलाने” के लिए कम से कम 8 सीटें चाहते हैं। पिछली 2020 की विधानसभा चुनाव में उन्हें 7 सीटें मिली थीं, जिनमें से 4 पर जीत दर्ज हुई थी।

सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी इस बार हम(से) को 10 सीटों से अधिक देने के मूड में नहीं है। वहीं मांझी इस बात से नाराज़ हैं कि कुशवाहा की पार्टी को भी बराबर का दर्जा दिया जा रहा है, जबकि उसके पास न कोई विधायक है न ही एमएलसी।

सीट वार्ता के बीच मांझी रविवार को असम रवाना हो गए और बताया जा रहा है कि वे 10 अक्टूबर को लौटेंगे। उन्होंने कहा—

“अगर हमारी पार्टी को सम्मानजनक सीटें नहीं मिलतीं, तो हम चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन एनडीए का समर्थन जारी रहेगा। हमारा लक्ष्य मंत्री पद नहीं, बल्कि पार्टी की पहचान है।”

दूसरी ओर, चिराग पासवान ने अपने पिता रामविलास पासवान की पुण्यतिथि पर X पर लिखा—

“पापा हमेशा कहते थे, अपराध मत करो, अपराध मत सहो। अगर जीना है तो मरना सीखो, हर कदम पर लड़ना सीखो।”

हालांकि बाद में मीडिया से बातचीत में चिराग ने कहा कि यह संदेश राजनीति से प्रेरित नहीं, बल्कि पिता की सीख की याद में लिखा गया था। उन्होंने कहा—

“उनकी संसद में दी गईं बातें आज भी मुझे सबसे कठिन समय में शक्ति देती हैं।”

बाद में चिराग अपने परिवार के साथ खगड़िया जिले के शहरबनी गांव पहुंचे और पिता की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए।

सीट बंटवारे पर पूछे गए सवाल पर चिराग ने कहा—

“अभी कुछ तय नहीं हुआ है, बातचीत जारी है। जब अंतिम निर्णय होगा, तो हम घोषणा करेंगे।”

सूत्रों के अनुसार, एलजेपी (राम विलास) ने 30 विधानसभा सीटों की मांग की है, जबकि बीजेपी केवल 22 सीटें देने को तैयार है। इसके बदले बीजेपी एक राज्यसभा सीट और एक विधान परिषद सीट देने पर विचार कर रही है।

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मुख्य बातें:
• बिहार विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए दलों में सीट बंटवारे को लेकर खींचतान तेज
• जीतन राम मांझी और चिराग पासवान ने सोशल मीडिया पर दिए इशारों भरे संदेश
• मांझी ने दिनकर की कविता के सहारे बीजेपी पर कसा तंज
• पासवान ने पिता रामविलास पासवान की सीख को साझा करते हुए दिखाई राजनीतिक बेचैनी
• बीजेपी 10 सीटों से अधिक देने को तैयार नहीं, जबकि मांग 15 से ज्यादा की


निष्कर्ष:
बिहार एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर बढ़ती नाराज़गी से स्पष्ट है कि आगामी चुनाव से पहले सहयोगी दलों के बीच तालमेल बनाना बीजेपी के लिए आसान नहीं होगा। मांझी और पासवान के काव्यात्मक संकेत दरअसल एक बड़े सियासी संदेश की ओर इशारा करते हैं — “सम्मानजनक हिस्सेदारी या फिर मौन समर्थन।”

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