जागृत भारत | मथुरा(Mathura): यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण सड़क हादसे के बाद प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। हादसे की गहन जांच के साथ-साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए रात के समय वाहनों की गति सीमा तय कर दी गई है। जांच टीम ने घने कोहरे और तेज रफ्तार को हादसे की मुख्य वजह मानते हुए एक्सप्रेसवे पर सख्त निगरानी और नियंत्रण के निर्देश दिए हैं।
घने कोहरे में रातभर चला जांच अभियान
मथुरा में आगरा से नोएडा की ओर जाने वाली लेन पर हुए हादसे की जांच के लिए गठित समिति ने बृहस्पतिवार रात को यमुना एक्सप्रेसवे का निरीक्षण किया। माइलस्टोन 127 के पास रजवाहा होने के कारण दृश्यता पूरी तरह शून्य पाई गई। वहीं घटनास्थल के एक किलोमीटर आगे और पीछे दृश्यता महज 10 मीटर तक आंकी गई। जांच टीम का मानना है कि घना कोहरा और तेज रफ्तार इस हादसे के सबसे बड़े कारण रहे।
नहर के पास शून्य दृश्यता बनी हादसे की वजह
बलदेव क्षेत्र में हुए हादसे के दौरान टीम ने पाया कि एक्सप्रेसवे के पास बहने वाली नहर के कारण धुंध और कोहरा अत्यधिक बढ़ गया था। दृश्यता लगभग शून्य होने से तेज रफ्तार वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका बनी रहती है। इसी आधार पर टीम ने हादसे की परिस्थितियों का विस्तृत आकलन किया।
साइनेज और लेन मार्किंग की भी हुई जांच
जांच के दौरान एक्सप्रेसवे पर लगे साइनेज, दिशा सूचक बोर्ड, लेन स्ट्रिप और कैट आई की विजिबिलिटी का निरीक्षण किया गया। कई स्थानों पर कैट आई खराब या कम दृश्यता वाले पाए गए। टीम ने इसे भी हादसे के सहायक कारणों में शामिल किया। जांच समिति में एडीएम प्रशासन अमरेश कुमार, एसपीआरए सुरेशचंद्र रावत, एसपी ट्रैफिक मनोज कुमार और एनएचएआई के अधिकारी शामिल रहे।
तेज रफ्तार वाहन चालकों को चेतावनी
अपर जिला मजिस्ट्रेट प्रशासन ने बताया कि टोल प्लाजा पर वाहन चालकों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। गति सीमा का पालन न करने वालों के खिलाफ चालान और चेतावनी दोनों की कार्रवाई की जाएगी। एक्सप्रेसवे अथॉरिटी को सख्ती से निर्देश दिए गए हैं कि नियम तोड़ने वालों पर तत्काल कार्रवाई हो।
रात में तय हुई नई गति सीमा
हादसे के बाद यमुना एक्सप्रेसवे पर रात के समय वाहनों की गति सीमा निर्धारित कर दी गई है। कार, जीप और अन्य छोटी गाड़ियों के लिए अधिकतम गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है। वहीं बस, ट्रक और अन्य भारी वाहनों की रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक नहीं होगी। तय सीमा से ज्यादा गति पर चलने वाले वाहनों के ऑनलाइन चालान किए जाएंगे।
टोल प्लाजा के सॉफ्टवेयर में किया जाएगा बदलाव
जांच टीम ने मांट टोल प्लाजा पर स्पीड कंट्रोल से जुड़े सॉफ्टवेयर में नई गति सीमा के अनुसार संशोधन करने के निर्देश दिए हैं। सीसीटीवी निगरानी, स्पीड वॉयलेशन डिटेक्शन कैमरे और कंट्रोल सिस्टम की कार्यप्रणाली की भी जांच की गई। रात में यातायात पुलिस और स्थानीय थाना पुलिस की मौजूदगी सुनिश्चित की जाएगी।
कोहरे में यात्रा के दौरान बरतें ये सावधानियां
कोहरे में यात्रा से पहले वाहन के ब्रेक, ईंधन और इंडिकेटर्स की जांच जरूर करें। फॉग लाइट का प्रयोग करें और हेडलाइट को लो बीम पर रखें। हाई बीम का इस्तेमाल न करें क्योंकि इससे दृश्यता और कम हो जाती है। विंडस्क्रीन साफ रखें, सीट बेल्ट लगाएं और धीमी गति से चलें। लेन मार्किंग का पालन करें, बिना वजह लेन न बदलें और आगे चल रहे वाहन से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। वाहन खराब होने पर उसे बाईं ओर रेलिंग के पास खड़ा करें और एक्सप्रेसवे पर रुकने से बचें।
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