जागृत भारत | नई दिल्ली(New Delhi): देशभर में ग्रामीण घरों तक नल के पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे जल जीवन मिशन (हर घर जल) की गुणवत्ता को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आई हैं। केंद्र सरकार की ओर से राज्यसभा में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, देशभर से कुल 17,036 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 84% शिकायतें अकेले उत्तर प्रदेश से आईं।
यूपी में सबसे ज्यादा मामले, जांच जारी
उत्तर प्रदेश में कुल 14,264 शिकायतें दर्ज हुईं, जो वित्तीय अनियमितताओं एवं कार्य की खराब गुणवत्ता से जुड़ी थीं। राज्य सरकार ने बताया कि —
14,212 मामलों में जांच पूरी,
52 शिकायतों में जांच अभी जारी है।
इन मामलों में अब तक —
171 विभागीय अधिकारियों,
120 ठेकेदारों,
143 थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन एजेंसियों (TPIAs)
के खिलाफ कार्रवाई की गई है। शेष शिकायतों को निस्तारित या निराधार पाया गया है।
अन्य राज्यों की स्थिति
यूपी के बाद सबसे ज्यादा शिकायतें —
असम: 1,236
त्रिपुरा: 376
से दर्ज हुईं। कुल शिकायतें 32 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के आंकड़ों पर आधारित हैं, जिनमें मीडिया रिपोर्ट, सार्वजनिक जनप्रतिनिधियों के पत्र, नागरिकों की शिकायतें और पोर्टल के माध्यम शामिल हैं।
क्या है जल जीवन मिशन?
वर्ष 2019 में प्रारंभ
उद्देश्य: प्रत्येक ग्रामीण घर तक स्वच्छ पेयजल नल कनेक्शन
प्रगति: अब तक 81% ग्रामीण परिवारों को नल का पानी उपलब्ध होने की रिपोर्ट
हालाँकि, कई राज्यों में यह भी सामने आया है कि कई घरों में कागजों पर नल कनेक्शन दिखाए गए हैं, लेकिन नियमित पानी की आपूर्ति नहीं है।
जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमना़ ने कहा कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए शिकायतों पर कठोर कार्रवाई जारी है, और मिशन के तहत कार्यों की गुणवत्ता में सुधार सरकार की प्राथमिकता है।
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