विसर्जन के दौरान हादसा: एक युवक 36 घंटे से लापता
जागृत भारत | देवरिया, तरकुलवा थाना क्षेत्र के अंतर्गत छोटी गंडक नदी के भिसवा घाट पर बुधवार को लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा विसर्जन के दौरान डूबे 22 वर्षीय युवक का 36 घंटे बाद भी कोई सुराग नहीं मिल सका है। इस दुखद घटना के बाद से महुअवा बजराटार गांव में मातम पसरा हुआ है, और परिजन अनहोनी की आशंका से बेहाल हैं।
SDRF का सघन सर्च ऑपरेशन विफल
एसडीआरएफ की टीम गुरुवार को पूरे दिन युवक की तलाश में सर्च अभियान चलाती रही, लेकिन देर शाम तक टीम को बैरंग वापस लौटना पड़ा।
तलाश का दायरा: पुलिस टीम ने एसडीआरएफ के साथ मिलकर गंडक नदी में भिसवा घाट से मैनपुर घाट तक सघन खोजबीन की, लेकिन लापता युवक का कोई पता नहीं चला। अंधेरा होने के बाद अभियान रोक दिया गया।
घटना का विवरण
लापता युवक: महुअवा बजराटार गांव निवासी अवधेश उर्फ भोला प्रजापति (22), पुत्र महेश, बुधवार को सायं चार बजे के करीब गांव के अन्य लड़कों के साथ प्रतिमा विसर्जन के लिए भिसवा घाट पर पहुंचा था।
डूबने का कारण: विसर्जन के दौरान, अवधेश गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा।
प्रत्यक्षदर्शियों का शोर: साथ गए युवकों ने उसे डूबते देख शोर मचाया, लेकिन जब तक आसपास के लोग मौके पर पहुंचते, वह पानी के भीतर लापता हो चुका था।
प्रारंभिक खोज: सूचना मिलते ही थाना प्रभारी मृत्युंजय राय दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थानीय मछुआरों की मदद से खोजबीन शुरू की, लेकिन बुधवार देर शाम तक कोई सफलता नहीं मिली।
कृषि मंत्री ने परिजनों को बंधाया ढांढस
घटनास्थल पर मंत्री: युवक के डूबने की सूचना पर उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही गुरुवार सुबह आठ बजे ही घटना स्थल पर पहुंचे।
संवेदना और निर्देश: उन्होंने पीड़ित परिजनों से घटना की पूरी जानकारी ली और उन्हें ढांढस बंधाया। मंत्री ने एसडीआरएफ की टीम से भी बात की और संबंधित अधिकारियों को युवक की तलाश के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
भीड़: इस दौरान पूरे दिन नदी घाट पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की भीड़ लगी रही।
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