Breaking News

दिल्ली का सेकेंड हैंड कार बाजार बना सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा फर्जी दस्तावेज़, कमजोर निगरानी और बढ़ते अवैध कारोबार से अपराधियों को खुली छूट

Published on: December 8, 2025
delhi-second-hand-car-market-security-risk

जागृत भारत | नई दिल्ली(New Delhi): दिल्ली का सेकेंड हैंड कार बाजार अब राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुका है। पुरानी गाड़ियों के खरीद-फरोख्त में फर्जी दस्तावेज़ों का धंधा और निगरानी की कमी, इसे अपराधियों के लिए आसान प्लेटफॉर्म बना रही है। इसका बड़ा उदाहरण हालिया लाल किला विस्फोट मामले में देखा गया, जिसमें इस्तेमाल की गई I-20 कार कई बार खरीदी-बेची गई, जबकि उसका असली मालिक कोई और था।

पुरानी कारों का ‘गुप्त’ कारोबार, आतंकियों के लिए आसान साधन

मुख्य आरोपी डॉ. उमर ने भी कार अपने नाम न कराकर फर्जी ट्रांसफर प्रोसेस का फायदा उठाया। सुरक्षा विशेषज्ञों का दावा है कि इसी तरह के पैटर्न का इस्तेमाल पहले की कई आतंकी घटनाओं में भी किया गया है।

परिवहन विभाग बोला—“हमारा नियंत्रण नहीं”, पुलिस ने भी झाड़ा पल्ला

पुराने वाहनों के बड़े बाजार पर परिवहन विभाग कहता है कि यह उनके नियंत्रण में नहीं, दिल्ली पुलिस का दावा यह उनके अधिकार क्षेत्र के बाहर है इसी स्थिति ने इस कारोबार को एक लाख करोड़ रुपए से भी अधिक का बड़ा अनियंत्रित उद्योग बना दिया है।


करोल बाग से शाहदरा तक फैला जाल, अपराधियों को सुरक्षित रास्ता

दिल्ली में सेकेंड हैंड कार मार्केट इन प्रमुख क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सक्रिय है — करोल बाग, चावड़ी बाजार, कश्मीरी गेट, पीतमपुरा, प्रीत विहार, लक्ष्मीनगर, शाहदरा और NCR से जुड़ी कई अन्य जगहें। देश का सेकेंड-हैंड बाजार 3.15 लाख करोड़ का, NCR अकेले 1 लाख करोड़ से ऊपर Cars24 की रिपोर्ट के अनुसार —  भारत का सेकेंड हैंड वाहन बाजार: ₹3.15 लाख करोड़, 2032 तक अनुमानित वृद्धि: ₹7.8 लाख करोड़, NCR का हिस्सा: 32% यानी ₹1 लाख करोड़ से अधिक, डिजिटल रिकॉर्ड और सत्यापन की अनुपस्थिति इस क्षेत्र पर गहरी शंका खड़ी करती है।


फर्जी दस्तावेज़ उद्योग: चोरी की कार, नया चेसिस नंबर और नकली RC

इस बाजार की आड़ में बड़े स्तर पर फर्जी कागजात का रैकेट सक्रिय, चोरी की गाड़ियों की इंजन और चेसिस नंबर क्लोनिंग,  नकली बीमा और RC बनाकर ऑनलाइन-विक्रय, साइबर सेल ने हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट की फर्जी वेबसाइट पकड़ी, डीलर खरीदार का कोई सत्यापन नहीं करते


व्यवस्था में बड़ी कमियां — अपराधियों को खुली छूट

कमीप्रभाव
RC ट्रांसफर में 2–6 माह की देरीअपराधी बिना नाम ट्रांसफर किए वाहन चलाते
NOC प्रक्रिया जटिलअवैध बिक्री आसान
60% चालान अनुपालन नहींनियमों का पालन शिथिल
ANPR कैमरों में बार-बार खराबीअपराधियों की लोकेशन ट्रैकिंग मुश्किल
सिर्फ 150 वाहन स्क्रैपलाखों गाड़ियाँ “अदृश्य”
3500+ अनधिकृत डीलरअत्यधिक जोखिम
62 लाख EOLV वाहन गायबसुरक्षा और प्रदूषण दोनों को खतरा

भविष्य के लिए जरूरी सुधार — नहीं तो बढ़ती रहेंगी वारदातें

विशेषज्ञों ने यह सुझाव दिए हैं — पुरानी कार बिक्री में आधार वेरिफिकेशन, स्व-प्रमाणन और वाहन इंटीग्रेशन अनिवार्य, सभी डीलर का रजिस्ट्रेशन व समय-समय पर ऑडिट, पुलिस–आरटीओ–डीलर रियल-टाइम ऐप लिंक, RC ट्रांसफर पूरी तरह ऑनलाइन और समयबद्ध, बैंक हाइपोथिकेशन का इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड अनिवार्य, पुलिस और डीलरों के प्रशिक्षण और समन्वय को बढ़ावा दिया जाए वरना दिल्ली का सेकेंड हैंड कार बाजार अगर ऐसे ही बिना नियंत्रण के चलता रहा, तो यह आतंकी घटनाओं से लेकर बड़े अपराधों को बढ़ावा देगा। अब कार्रवाई में देरी का मतलब— जन सुरक्षा को और बड़ा जोखिम!

देवरिया: मेडिकल स्टोर संचालक पर नाबालिग से दुष्कर्म का प्रयास, विधायक के हस्तक्षेप पर पुलिस ने आरोपी को लिया हिरासत में

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Read Also

gorakhpur-daroga-pistol-viral-video-karimnagar-chowk-traffic-jam-investigation

गोरखपुर जाम में ट्रक चालकों से विवाद के बीच दारोगा ने निकाली पिस्टल, वायरल वीडियो पर विभागीय जांच शुरू

up-district-panchayat-building-map-approval-master-plan-yogi-government

UP के जिला पंचायतों में भवनों के मानचित्र पास करने की अब दूर होंगी दिक्कतें, योगी सरकार ने बनाया खास ‘मास्टर प्लान’

up-missing-persons-high-court-suo-motu-108300-missing-hearing-today

UP Missing Crisis: दो साल में 1.08 लाख लोग लापता, सिर्फ 9700 का ही सुराग; हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर मांगा जवाब, आज अहम सुनवाई

up-madarsa-foreign-funding-investigation-lucknow-111-madarsa-yogi-order

विदेशी फंडिंग के शक पर सख्त एक्शन, सीएम योगी के आदेश पर प्रदेशभर के मदरसों की जांच; लखनऊ के 111 भी रडार पर

up-ots-2026-property-dues-relief-yogi-adityanath-plan

UP OTS-2026: लंबित संपत्ति भुगतान पर बड़ी राहत की तैयारी, सीएम योगी बोले– डिफॉल्टरों के लिए लागू होगी नई ओटीएस योजना

gorakhpur-priya-shetty-murder-body-identified-by-sister

गोरखपुर हत्याकांड: चेहरे के तिल और जले के निशान से हुई प्रिया की पहचान, सिर कूचकर की गई थी निर्मम हत्या

1 thought on “दिल्ली का सेकेंड हैंड कार बाजार बना सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा फर्जी दस्तावेज़, कमजोर निगरानी और बढ़ते अवैध कारोबार से अपराधियों को खुली छूट”

Leave a Reply